
Jamshedpur : होटल कारोबारी निखार सबलोक हत्याकांड में पुलिस की जांच में गैंगवार के साथ-साथ सफेदपोश नेताओं के कथित कनेक्शन के भी संकेत मिले हैं। पुलिस अब इस एंगल की भी गहराई से तहकीकात कर रही है। इसके बाद शहर में यह सवाल तैर रहा है कि आखिर वह कौन सफेद पोश राजनीतिज्ञ है, जिसका इस हत्याकांड से कनेक्शन है।
जमशेदपुर में अभी अखिलेश सिंह और गणेश सिंह गिरोह ऑपरेट कर रहे हैं। इन दोनों गिरोहों के राजनीतिज्ञों से संबंध होना कोई ढकी छिपी बात नहीं है। अब पुलिस तहकीकात के बाद इस बात का खुलासा होगा कि इस हत्याकांड में के तार किस राजनीतिज्ञ से जुड़े हुए हैं। यही नहीं इस बात का भी पर्दाफाश होगा कि कौन बड़ा नेता किस गिरोह के पीछे खड़ा है।
जमीन के धंधे से जुड़ा है पूरा मामला
निखार हत्याकांड पूरी तरह से जमीन के धंधे से जुड़ा हुआ है। जमशेदपुर में बड़े-बड़े नेता भी इस धंधे में अपनी जड़ जमाए हुए हैं। इसी के चलते हत्या की साजिश दुमका जेल से रचे जाने की बात सामने आई है। जमशेदपुर और सरायकेला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में हत्याकांड के मास्टरमाइंड अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव और मुख्य शूटर सुल्तानपुर निवासी अंकित सिंह समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार निखार की हत्या के लिए शूटरों को 15 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी।
जमशेदपुर के एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब और सरायकेला-खरसावां एसपी ने बुधवार को जमशेदपुर में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हत्याकांड का खुलासा किया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल दो पिस्टल, मैगजीन, सात कारतूस और आई-10 कार बरामद की है। पुलिस के मुताबिक हत्या के पीछे अखिलेश सिंह और गणेश सिंह गिरोह के बीच चल रही वर्चस्व की लड़ाई और जमीन विवाद अहम वजह है। इस मामले में सफेदपोश नेताओं की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस जांच के अनुसार सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र में एनएच-33 स्थित टेंथ माइल रेस्टोरेंट के पास निखार सबलोक की गोली मारकर हत्या की गई थी। पुलिस ने अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव, सुनील रजक, रितेश सिंह, सुशील केराई, राज कुमार सिंह उर्फ प्रिंस और सुल्तानपुर निवासी शूटर अंकित सिंह को गिरफ्तार किया है।
15 लाख की सुपारी, डोबो के पास से हुई गिरफ्तारी
एसएसपी के अनुसार निखार की हत्या के लिए अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव ने 15 लाख रुपये की सुपारी दी थी। सभी आरोपियों को डोबो के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक चांडिल एनएच-33 के पास जमीन को लेकर विवाद था, जिसकी वजह से हत्या की साजिश रची गई।
कार में पीछे बैठे थे दोनों शूटर
सरायकेला एसपी के अनुसार घटना वाले दिन सुनील रजक आई-10 कार लेकर ड्राइवर के रूप में आया था। रितेश सिंह उसके बगल वाली सीट पर बैठा था, जबकि शूटर अंकित सिंह और एक अन्य शूटर पीछे बैठे थे। रितेश होटल के अंदर गया और वहां निखार सबलोक की गतिविधियों की जानकारी ली। उस समय निखार होटल में चाय पी रहे थे।
रितेश बाहर आया और उसने शूटरों को निखार के होटल में मौजूद होने की जानकारी दी। इसके बाद शूटरों ने होटल पहुंचकर निखार पर गोलियां चला दीं। हत्या के बाद सभी आरोपी आई-10 कार से रांची की ओर भागे। रांची पहुंचने के बाद कार छोड़ दी गई और दूसरी गाड़ी से फरार हो गए।
पिंजरा पहाड़िया की जमीन बनी विवाद की वजह
पुलिस की जांच में सामने आया है कि एनएच-33 के किनारे टेंथ माइल होटल के पास पिंजरा पहाड़िया इलाके में जमीन है। निखार सबलोक इस जमीन पर होटल बनाने की तैयारी में थे। इसी जमीन को लेकर अखिलेश सिंह और गणेश सिंह गिरोह के बीच तनातनी शुरू होने की बात पुलिस जांच में सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, एक पक्ष निखार को रास्ते से हटाकर जमीन पर कब्जा करना चाहता था, जबकि दूसरा गिरोह निखार के पक्ष में खड़ा था। इसी जमीन विवाद और वर्चस्व की लड़ाई ने गैंगवार का रूप लिया और निखार की हत्या कर दी गई।
सफेदपोश कनेक्शन की भी जांच
हत्याकांड के खुलासे के बाद पुलिस अब इस मामले में सफेदपोश नेताओं की संभावित भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस को ऐसे संकेत मिले हैं, जिनके आधार पर इस एंगल को भी अनुसंधान में शामिल किया गया है। हालांकि, पुलिस ने अभी किसी नेता का नाम सार्वजनिक नहीं किया है और न ही किसी सफेदपोश व्यक्ति को इस मामले में आरोपी बताया है।
गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार अशोक कुमार सिंह उर्फ राघव, सुनील रजक, रितेश सिंह, सुशील केराई और अंकित सिंह का आपराधिक इतिहास रहा है। अशोक कुमार सिंह के खिलाफ बिष्टुपुर थाने में मामला दर्ज है। सुनील रजक के खिलाफ बागबेड़ा में एक और मानगो थाने में दो मामले दर्ज हैं। रितेश सिंह के खिलाफ मानगो और सोनारी थाने में कुल नौ मामले दर्ज हैं, जिनमें सात सोनारी और दो मानगो थाने के हैं। वहीं, सुल्तानपुर निवासी अंकित सिंह के खिलाफ सुल्तानपुर में पांच मामले दर्ज हैं।
यूपी-बिहार में अभी भी छापेमारी
एसएसपी ने बताया कि हत्याकांड के खुलासे के लिए जमशेदपुर और सरायकेला पुलिस की संयुक्त टीमें बनाई गई थीं। इनमें चांडिल एसडीपीओ, एमजीएम थाना प्रभारी, उलीडीह थाना प्रभारी समेत अन्य पुलिस अधिकारी शामिल रहे। पुलिस की तीन टीमें अभी भी उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न शहरों में छापेमारी कर रही हैं। एक टीम वाराणसी में भी मौजूद है। पुलिस को आशंका है कि हत्याकांड में शामिल कुछ अन्य लोग अभी फरार हैं।

