
Jamshedpur : इंडस्ट्रियल ऑल ग्लोबल यूनियन के यूनियन-टू-यूनियन एमएनसी सप्लाई चेन प्रोजेक्ट के तहत ऑटोमोटिव यूनियन मीटिंग-इंडिया का दो दिवसीय सम्मेलन बुधवार को चेन्नई में शुरू हुआ। 2 और 3 सितंबर को आयोजित इस बैठक में देश के विभिन्न ऑटोमोबाइल उद्योगों से जुड़े ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों और श्रमिक नेताओं ने हिस्सा लिया।
बैठक में दक्षिण एशिया के क्षेत्रीय सचिव आशुतोष भट्टाचार्या, दक्षिण एशिया के क्षेत्रीय पदाधिकारी थिलागम रामलिंगम, इंटक के राष्ट्रीय महासचिव संजय सिंह, जुस्को श्रमिक यूनियन के अध्यक्ष रघुनाथ पांडेय, टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष शशि भूषण प्रसाद और महामंत्री आरके सिंह समेत विभिन्न यूनियनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
सम्मेलन में ऑटोमोटिव क्षेत्र के मौजूदा वैश्विक परिदृश्य, यूनियनों के विस्तार एवं संगठनात्मक उपलब्धियों, बदलते रोजगार पैटर्न, श्रम कानूनों और यूनियन संगठन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। इसके अलावा ऑटोमेशन, डिजिटलाइजेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी तेजी से विकसित हो रही तकनीकों का श्रमिकों के रोजगार और कार्य परिस्थितियों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन के महामंत्री आरके सिंह ने कहा कि जमशेदपुर के यूनियन नेताओं की भागीदारी से शहर के ऑटोमोबाइल एवं औद्योगिक श्रमिकों से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रभावी ढंग से रखने का अवसर मिला। साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रमिक नेताओं के अनुभवों और विचारों को जानने-समझने का भी अवसर प्राप्त हुआ।
उन्होंने कहा कि बदलते औद्योगिक परिवेश में श्रमिकों के हितों की रक्षा करना, ट्रेड यूनियनों को मजबूत करना तथा नई कार्य प्रणालियों और तकनीकी बदलावों के बीच श्रमिकों के लिए बेहतर रोजगार एवं कार्य परिस्थितियां सुनिश्चित करना बैठक का प्रमुख उद्देश्य रहा। इसके लिए विभिन्न यूनियनों के बीच साझा रणनीति विकसित करने पर जोर दिया गया।
आरके सिंह ने कहा कि तकनीकी बदलावों के दौर में श्रमिकों के कौशल विकास, रोजगार सुरक्षा और बेहतर कार्य परिस्थितियों को लेकर यूनियनों को सामूहिक रूप से रणनीति तैयार करने की आवश्यकता है। बैठक में लिए गए विचारों और रणनीतियों का सकारात्मक परिणाम भविष्य में देखने को मिलेगा। दो दिवसीय बैठक का समापन गुरुवार को होगा।

