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Jamshedpur Vikram Sharma Murder Case: जिस गिरोह ने गैंगस्टर अमरनाथ को मारा उसी ने की विक्रम शर्मा की हत्या, 6 फरार आरोपियों पर 25-25000 का इनाम घोषित, पढ़ें हत्याकांड की पूरी कहानी

फरार आरोपियों की तलाश में जमशेदपुर में कई जगह छापेमारी, जमशेदपुर में गैंगवार की आशंका

by Mujtaba Haider Rizvi
देहरादून में जमशेदपुर के कुख्यात गैंगस्टर अखिलेश सिंह के गुरु विक्रम शर्मा की हत्या
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Jamshedpur : देहरादून में 13 फरवरी को हुई गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड का पुलिस और उत्तराखंड एसटीएफ ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने दो हत्यारोपियों जुगसलाई के एमई स्कूल रोड के रहने वाले अक्षत ठाकुर और बागबेड़ा के गाढाबासा के रहने वाले राजकुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि इस घटना में 6 अन्य आरोपियों की संलिप्तता सामने आई है। इनमें जमशेदपुर के ही अंकित वर्मा, आशुतोष सिंह, बागबेड़ा के गाढाबासा का विशाल सिंह, बागबेड़ा का आकाश कुमार प्रसाद, यशराज और जितेंद्र कुमार साहू है। पुलिस ने इन सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी। लेकिन यह आरोपी पकड़े नहीं जा सके हैं।

गैंगस्टर अमरनाथ की हत्या में भी जेल जा चुका है आरोपी विशाल सिंह

देहरादून पुलिस ने इन सभी छह आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए इन पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया है। पुलिस का कहना है कि जो भी इन आरोपियों को गिरफ्तार कराएगा। उन्हें यह इनाम दिया जाएगा। विक्रम शर्मा की हत्या जमशेदपुर के ही एक गैंग ने की है। हत्याकांड में शामिल विशाल सिंह मानगो के गैंगस्टर अमरनाथ की हत्या में भी जेल जा चुका है।

देहरादून के एसएसपी ने बताया कि कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी कि कोतवाली डालनवाला इलाके के एक सिल्वर सिटी मॉल में कुछ अज्ञात बदमाशों ने एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी है। डालनवाला से पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंचा और शव को कब्जे में लिया गया। मृतक व्यक्ति की पहचान विक्रम शर्मा पुत्र अमृतपाल शर्मा निवासी अमनविहार रायपुर के रूप में हुई। घटना की सूचना पर पुलिस महानिरीक्षक गढवाल परिक्षेत्र, एसएसपी देहरादून तथा एसएसपी एसटीएफ भी मौैके पर पहुंचे थे। अधिकारियों से घटना के संबंध में जानकारी मिली थी। मौके पर फॉरेन्सिक टीम को बुलाया गया था।जांच के दौरान पता चला कि विक्रम शर्मा को 8 साल पहले जमशेदपुर पुलिस ने झारखण्ड में हुई एक हत्या के मामले में देहरादून से गिरफ्तार किया गया था। मृतक के परिचित अखिलेश सिंह की तहरीर पर कोतवाली डालनवाला में अज्ञात के विरूद्ध सम्बन्धित धाराओं में हत्या का केस दर्ज किया गया था। मृतक के झारखण्ड में आपराधिक पृष्ठभूमि से जुडे होने के कारण घटना में झारखण्ड के किसी गिरोह के शामिल होने की सम्भावना को देखते हुए पुलिस ने घटना के सभी सम्भावित पहलुओं को लेकर तहकीकात शुरू की गई। साथ ही एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर घटना के खुलासे के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। गठित टीमों ने घटना स्थल व उसके आस-पास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। साथ ही सर्विलांस के जरिए घटना में शामिल आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाई गई। सीसीटीवी फुटेज से हत्याकांड में पुलिस टीम को मोटर साइकिल सवार तीन बदमाश नजर आए। पता चला कि घटना में प्रयुक्त मोटर साइकिल को सहस्त्रधारा क्षेत्र में खडा कर वहां पूर्व से खडी की गई मोटर साइकिल व स्कूटी से हत्यरोपी हरिद्वार की ओर भागे थे।

बाइक व यूपीआईडी से हुआ घटना का खुलासा

पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त अपाचे मोटर साइकिल को सहस्त्रधारा रोड से बरामद कर लिया गया। यह बाइक जमशेदपुर के जितेन्द्र कुमार साहू के नाम पर रजिस्टर्ड है। आरोपियों के मोटर साइकिल व स्कूटी से हरिद्वार की ओर जाने की जानकारी मिलने पर पुलिस टीम फौरन हरिद्वार पहुंची। पता चला कि मोटर साइकिल व स्कूटी को हरिद्वार में किराए पर लिया गया था। इसके लिए बागबेड़ा के आकाश कुमार प्रसाद और बागबेड़ा के गाढाबासा के राजकुमार की यूपीआई आईडी से किराए का भुगतान किया गया था। साथ ही तीनों आरोपी हरिद्वार से एक काली रंग के स्कार्पियो वाहन संख्या जेएच-05-डीजेड-5517 से भागे थे।

यशराज का था हत्या की घटना में शामिल स्कॉर्पियो वाहन

यह स्कार्पियो वाहन जमशेदपुर में सारिका इन्टरप्राइजेज के प्रोपराइटर यशराज के नाम पर रजिस्टर्ड है। इस पर फौरन एक टीम को जमशेदपुर रवाना किया गया। यहां टीम ने प्रकाश में आए आरोपी राजकुमार के सम्बन्ध में जानकारी एकत्रित करते हुए 19 फरवरी को उसे उसके घर से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त राजकुमार से प्रारम्भिक पूछताछ में पता चला कि संदिग्ध स्कार्पियो वाहन का स्वामी यशराज आरोपी राजकुमार का पुत्र है। उक्त वाहन को आरोपी यशराज के परिचित आशुतोष व उसके अन्य साथी ले गए थे।

इस तरह हत्यारोपियों तक पहुंची पुलिस

इस पर आरोपियों आशुतोष व उसके अन्य साथियों के सम्बन्ध में पुलिस टीम ने सर्विलांस व अन्य माध्यमों से जानकारी एकत्रित की। साथ ही आने-जाने वाले मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए संदिग्ध वाहन की तलाश की गई। इसके बाद 23 फरवरी सोमवार को पुलिस टीम ने घटना में प्रयुक्त स्कार्पियो वाहन को ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में एल्फा – 2 अपार्टमेंट से मोहित उर्फ अक्षत ठाकुर के कब्जे से बरामद किया गया। साथ ही मोहित उर्फ अक्षत को हिरासत में लेते हुए पूछताछ के लिए देहरादून लाया गया। यहां आरोपी से पूछताछ के दौरान आशुतोष के साथ उसके साथी अंकित वर्मा, विशाल सिंह, आकाश तथा अन्य के द्वारा घटना को अंजाम दिए जाने की बात सामने आई है। आरोपी मोहित की संलिप्तता भी पाए जाने पर उसे भी गिरफ्तार किया गया।

मानगो के गैंगस्टर अमरनाथ की हत्या में भी शामिल था हत्यारोपी

विशाल पूछताछ में आरोपी मोहित उर्फ अक्षत ने बताया कि वह नोएडा स्थित एक निजी यूनिवर्सिटी में बीबीए प्रथम वर्ष का छात्र है। वर्तमान में ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में एल्फा – 2 अपार्टमेंट में अपने दो अन्य साथियों के साथ रह रहा है। कुछ साल पहले उसके मामा विकास महतो ने उसकी मुलाकात आशुतोष से कराई थी। आशुतोष के जरिए लगभग चार वर्ष पहले वह विशाल सिंह तथा अंकित से मिला था। लगभग दो वर्ष पूर्व टाटा नगर रेलवे स्टेशन की पार्किंग में एक व्यक्ति पर हुए जानलेवा हमले की घटना में आशुतोष जेल गया था। कुछ समय बाद अमन सिंह के कहने पर विशाल सिंह ने मानगो के गैंगस्टर अमरनाथ की हत्या कर दी थी। इसमें विशाल जेल चला गया था। जेल में विशाल का विक्रम शर्मा के एक करीबी से विवाद हो गया था। इसके चलते विक्रम शर्मा ने जेल में बंद अपने गुर्गों के जरिए विशाल को काफी परेशान किया गया था। विशाल जब जेल से बाहर आया तो जेल की घटना के बारे में आशुतोष को बताया गया। आरोपी आशुतोष पूर्व में भी आपराधिक घटनाओं में जेल गया था। वह अपराध की दुनिया में अपना नाम कमाना चाहता था। चूंकि, विक्रम शर्मा का अपराध की दुनिया में काफी वर्चस्व था। इसलिए आशुतोष उसकी हत्या कर जुर्म की दुनिया में अपनी धाक जमा सकता था। इसके चलते उसने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर विक्रम शर्मा की हत्या की योजना बनाई थी।

रेलवे में फूड सप्लाई के ठेके को लेकर नाराज था यशराज

आरोपी आशुतोष, सारिका इन्टरप्राइजेज के मालिक यशराज का परिचित था और उसे जानकारी थी कि यशराज भी विक्रम शर्मा से काफी परेशान चल रहा है। क्योंकि यशराज की कम्पनी सारिका इन्टरप्राइजेज का रेलवे में फूड सप्लाई का कान्ट्रैक्ट था। विक्रम शर्मा भी इस कान्ट्रैक्ट को हासिल करना चाहता था। विक्रम शर्मा ने पूर्व में भी यशराज से रंगदारी की डिमांड की थी। इसके चलते आशुतोष ने अपनी इस योजना के सम्बन्ध में यशराज को बताया। यशराज ने भी विक्रम शर्मा की हत्या में उसे सहयोग करने की बात कही। आरोपी विक्रम शर्मा को जमशेदपुर में ही मारना चाहते थे। पर जमशेदपुर में विक्रम शर्मा के साथ हर समय काफी लोगों के रहने के कारण वो अपनी योजना को अंजाम नहीं दे पाए। इसके बाद आरोपियों को विक्रम शर्मा के नोएडा में भी आने-जाने की जानकारी मिली। इस पर अपनी योजना को अंजाम देने के लिये आरोपियों ने नोएडा में अंकित वर्मा के नाम से एक फ्लैट किराए पर लिया। पर, नोएडा में भी मौका न मिलने पर इन बदमाशों ने देहरादून में विक्रम की हत्या की योजना बनाई। उसकी दिनचर्या की जानकारी के लिए अंकित वर्मा ने उसी जिम को ज्वाएन कर लिया गया, जहां विक्रम शर्मा रोज जाया करता था।

अंकित ने ज्वाइन किया था जिम, आशुतोष व विशाल ने बरसाई थी गोलियां

घटना के दिन भी अंकित वर्मा ने ही आशुतोष को फोन कर विक्रम शर्मा के जिम में होने की जानकारी दी थी। इसके बाद आशुतोष और विशाल ने जिम से बाहर आते ही विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद आशुतोष और विशाल अपने एक अन्य साथी आकाश के साथ पहले हरिद्वार से रेंट पर ली गई बाइक व स्कूटी से हरिद्वार पहुंचे। इसके बाद उक्त स्कूटी व बाइक को वापस कर पहले से ही हरिद्वार में खडी की गई यशराज की स्कार्पियो से घटना के दिन ही नोएडा स्थित मोहित के फ्लैट में पहुंचे। मोहित के घटना के दिन देहरादून में होने के कारण उनके द्वारा उससे फोन पर सम्पर्क कर स्कार्पियो वाहन को पार्किंग में खडा करवाने की बात कही गई। अगले दिन मोहित के वापस नोएडा पहुंचने पर आरोपियों ने उसे देहरादून में विक्रम शर्मा की हत्या करने की बात बताते हुए स्कार्पियो वाहन को उसी के पास छोड़ दिया। वहां से आरोपी अलग-अलग स्थानों को चले गए। इस दौरान आरोपियों के रुकने और उनके खाने-पीने की पूरी व्यवस्था मोहित उर्फ अक्षत ने की थी।

ये आरोपी गिरफ्तार

1- अक्षत ठाकुर पुत्र प्रभास ठाकुर उर्फ संजीव कुमार निवासी एमई स्कूल रोड़, बड़ौदा अपार्टमेन्ट फ्लैट नम्बर बी-1 जुगसलाई, जमशेदपुर।

2- राजकुमार पुत्र शिवदत्त निवासी- गाढाबासा बागबेड़ा, जमशेदपुर।

फरार आरोपी, इन पर घोषित है 25-25000 रुपए का इनाम

1- अंकित वर्मा पुत्र अरूण वर्मा निवासी जमशेदपुर।

2- आशुतोष सिंह पुत्र उपेन्द्र सिंह निवासी जमशेदपुर। उम्र -26 वर्ष

3- विशाल सिंह पुत्र सुभाष सिंह निवासी गाढाबासा, बागबेड़ा जमशेदपुर, उम्र 28 वर्ष।

4- आकाश कुमार प्रसाद पुत्र अरूण प्रसाद निवासी बागबेड़ा, जमशेदपुर, उम्र करीब 28 वर्ष

5- यशराज पुत्र राजकुमार निवासी जमशेदपुर झारखण्ड

6- जितेन्द्र कुमार साहु पुत्र मुन्ना साहु निवासी, जमशेदपुर।

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