
Jamshedpur : टाटा कमिंस जमशेदपुर प्लांट में कर्मचारियों के वार्षिक बोनस को लेकर मंगलवार से औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो गयी। कंपनी की मान्यता प्राप्त टीसी कर्मचारी यूनियन ने प्रबंधन को बोनस से संबंधित मांग पत्र सौंपा। इसके साथ ही बोनस समझौते को लेकर प्रबंधन और यूनियन के बीच वार्ता का रास्ता साफ हो गया है। दुर्गा पूजा से पहले बोनस समझौते को लेकर कर्मचारियों की निगाहें अब आगामी वार्ताओं पर टिकी हैं।
प्रबंधन और यूनियन के प्रतिनिधि रहे मौजूद
मांग पत्र सौंपे जाने के दौरान प्रबंधन की ओर से एचआर अधिकारी विक्रम और अमरजीत मौजूद रहे। टाटा यूनियन की ओर से अध्यक्ष राजेश कुमार, संयुक्त महासचिव शंभू शरण, अनूप सिन्हा, नितेश शर्मा, रतन प्रमाणिक, प्रदीप साहू, अजय, कमलेश सिंह समेत सभी कमेटी मेंबर उपस्थित थे। यूनियन के महामंत्री अविनाश अनुपम पारिवारिक कारणों से इस दौरान मौजूद नहीं थे।
बोनस फॉर्मूले में उत्पादन, मुनाफा और गुणवत्ता अहम
टाटा कमिंस में बोनस का फॉर्मूला उत्पादन, मुनाफा और गुणवत्ता जैसे प्रमुख मानकों पर आधारित है। इसमें उत्पादन के लिए 9, मुनाफे के लिए 8 और बीआईएस (क्वालिटी) के लिए 3 प्वाइंट निर्धारित हैं।
वित्तीय वर्ष 2025-26 की वार्षिक परिचालन योजना (एओपी) में कंपनी के लिए 1,52,386 इंजन के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके अलावा 603 करोड़ रुपये का मुनाफा और 550 पीपीएम बीआईएस का लक्ष्य तय किया गया था।
उत्पादन लक्ष्य पार होने से अधिकतम बोनस की उम्मीद
यूनियन सूत्रों के अनुसार कंपनी ने निर्धारित उत्पादन लक्ष्य को पार कर लिया है। ऐसे में कर्मचारियों को लगातार तीसरे वर्ष अधिकतम 20 प्रतिशत बोनस मिलने की उम्मीद जतायी जा रही है। हालांकि अंतिम बोनस राशि प्रबंधन और यूनियन के बीच होने वाली वार्ता तथा निर्धारित फॉर्मूले के आधार पर तय होगी।
पिछले वर्ष कंपनी के 773 कर्मचारियों के बीच कुल 9 करोड़ 3 लाख रुपये बोनस के रूप में वितरित किये गये थे। उस समझौते के तहत अधिकतम बोनस 1,41,537 रुपये, न्यूनतम 74,968 रुपये और औसत बोनस 1,17,081 रुपये रहा था।
अब कर्मचारियों की नजर आगामी बोनस वार्ता पर है। यूनियन और प्रबंधन के बीच बैठक की तारीख जल्द तय होने की संभावना है। दुर्गा पूजा से पहले समझौता होने पर कर्मचारियों को बोनस के रूप में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

