Ranchi : ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) ने झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया कि जामताड़ा उपायुक्त के समक्ष मंत्री ने चुनाव आयोग के बीएलओ को कथित तौर पर “बांधकर रखने” के लिए जनता को भड़काने वाला बयान दिया, जो गंभीर मामला है।
प्रभाकर ने कहा कि मंत्री का यह कदम संवैधानिक संस्था के खिलाफ लोगों को उकसाने जैसा है, इसलिए राज्य सरकार को उन्हें तत्काल पद से बर्खास्त करना चाहिए। उन्होंने प्रश्न उठाया कि आखिर **एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) से मंत्री को डर क्यों लग रहा है, जबकि यह मतदाता सूची को निष्पक्ष और अद्यतन रखने की नियमित प्रक्रिया है।
आजसू नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने बिहार में भी एसआईआर को लेकर गलतफहमी फैलाने की कोशिश की थी, लेकिन वहां जनता ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। बिहार में एसआईआर प्रक्रिया पर किसी मतदाता ने आपत्ति दर्ज नहीं कराई थी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का एसआईआर अभियान घर-घर सत्यापन के माध्यम से मतदाता सूची को साफ, अद्यतन और धोखाधड़ी रहित बनाने के लिए चलाया जाता है।

