रांची : यह चुनावी मौसम है। इस मौसम में दल-बदल आम बात है। लेकिन किसी दल के मुखिया प्रत्याशी हों और उन्हीं का कोई प्रस्तावक घुलाटी मार दे, तो आश्चर्य होना लाजमी है। दरअसल यह झटका राज्य के मुख्यमंत्री, झामुमो के प्रमुख और बरहेट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हेमंत सोरेन को लगा है। बताया जा रहा है कि झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 की राजनीतिक बिसात पर एक नई चाल चली गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के नेता व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को इस बार एक गंभीर झटका लगा है। चुनाव के लिए नामांकन के दौरान उनके प्रस्तावकों में शामिल मंडल मुर्मू ने बीजेपी (BJP) का दामन थाम लिया है। इससे हेमंत सोरेन और उनकी पार्टी के लिए स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है।
मंडल मुर्मू का बीजेपी में शामिल होना
उल्लेखनीय है कि मंडल मुर्मू, जो शहीद सिदो-कान्हू के वंशज हैं। सिदो-कान्हू, जिन्होंने 1855 में अंग्रेजों के खिलाफ हूल क्रांति की अगुवाई की, उनके परिवार का हिस्सा होने के नाते मंडल मुर्मू का पाला बदलना राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। उनके इस कदम को जेएमएम और हेमंत सोरेन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई और मुर्मू का मन बदलना
हाल ही में, मंडल मुर्मू को रांची आते समय झारखंड पुलिस ने हिरासत में लिया था, जब उन्हें जानकारी मिली कि वे बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं। हालांकि, तलाशी के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। जेएमएम ने उन्हें अपने साथ बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किया, लेकिन उनकी रणनीतियां काम नहीं आईं। हेमंत सोरेन के बरहेट विधानसभा क्षेत्र से नामांकन दाखिल करने के बाद मंडल मुर्मू को डुमरी में पुलिस ने रोक लिया था। इस दौरान उनकी गाड़ी की चेकिंग की गई, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दिया।
चुनाव आयोग की चेकिंग विवाद
झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि डुमरी में चेकिंग के दौरान चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि चेकिंग की वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं की गई। इस बयान ने बीजेपी को सोरेन और जेएमएम पर हमलावर होने का अवसर प्रदान किया।
निशिकांत दुबे की रणनीति
दूसरी ओर यह भी बताया जा रहा है कि बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने मंडल मुर्मू से मुलाकात की, जिसने सियासी खेल को पलट दिया। इस मुलाकात के बाद मंडल मुर्मू ने बीजेपी में शामिल होने का निर्णय लिया, जिससे पार्टी की स्थिति और मजबूत हो गयी है।
चुनाव की तैयारी
झारखंड की 81 विधानसभा सीटों पर मतदान दो चरणों में होने जा रहा है। पहले चरण का मतदान 13 नवंबर और दूसरे चरण का 20 नवंबर को मतदान होगा। चुनाव परिणाम 23 नवंबर को घोषित किए जाएंगे। माना जा रहा है कि मंडल मुर्मू का बीजेपी में शामिल होना न केवल हेमंत सोरेन के लिए चुनौती है, बल्कि इससे झारखंड की राजनीति में भभी नया मोड़ भी आ सकता है। अब देखना है कि हेमंत सोरेन अपनी रणनीति में क्या बदलाव लाते हैं और क्या वे इस झटके से उबर पाएंगे।
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