
रांची : झारखंड में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ की दस्तक की आहट ने प्रशासन की धड़कनें बढ़ा दी हैं। इस संभावित खतरे से निपटने के लिए झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) ने पूरी तरह से कमर कस ली है। किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटने के लिए विभाग ने अपने सभी अधिकारियों और फिल्ड में काम करने वाले कर्मचारियों की छुट्टियां अगले आदेश तक रद्द कर दी हैं। साथ ही, सभी को निर्देश दिए गए हैं कि वे चौबीस घंटे अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद रहें, ताकि आम जनता को बिजली की किसी बड़ी समस्या का सामना न करना पड़े।
सीधे मुख्यालय से हो रही है मॉनिटरिंग
ऊर्जा विकास निगम के सीएमडी सह जेबीवीएनएल के एमडी के. श्रीनिवासन ने राज्य के सभी जिलों के अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत 33 केवी और 11 केवी के फीडरों के साथ-साथ ट्रांसफार्मर की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
जेबीवीएनएल के महाप्रबंधक मनमोहन कुमार ने बताया कि मुख्यालय से लेकर विभिन्न डिवीजनों तक स्पेशल कंट्रोल रूम एक्टिव कर दिए गए हैं। आपात स्थिति से निपटने के लिए विभाग की इमरजेंसी विंग पूरी तरह तैयार है, जिसके पास पर्याप्त मैनपावर, गाड़ियां और जरूरी रिपेयरिंग मटेरियल मौजूद है। उनका मुख्य उद्देश्य यही सुनिश्चित करना है कि तूफान के दौरान या उसके तुरंत बाद बिजली आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल की जा सके।
आपकी एक छोटी सी सावधानी बचा सकती है बड़ा संकट
बिजली विभाग ने सिर्फ अपनी तैयारी पुख्ता नहीं की है, बल्कि आम नागरिकों से भी कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है। विभाग के मुताबिक, यदि 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलती हैं तो लोग अपने घरों के कपड़े या अन्य हल्की चीजें खुले में न सुखाएं। अक्सर ऐसा देखा गया है कि तेज हवाओं के साथ उड़ने वाली ये चीजें बिजली के तारों या ट्रांसफार्मर पर जाकर चिपक जाती हैं, जिससे शॉर्ट सर्किट होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। इसलिए थोड़ी सी सतर्कता बड़े हादसे को टाल सकती है।
सब-स्टेशनों पर डटे रहेंगे जूनियर और असिस्टेंट इंजीनियर
तूफान के प्रभाव से यदि कहीं बिजली गुल होती है या कोई ट्रांसफार्मर जलने की शिकायत आती है, तो उस पर पल-पल की नजर रखने के लिए खास व्यवस्था की गई है। सभी सहायक विद्युत इंजीनियरों और जूनियर इंजीनियरों को अपने-अपने क्षेत्र के सब-स्टेशनों में ही मौजूद रहने का फरमान सुनाया गया है। जैसे ही किसी इलाके की बिजली बाधित होने की सूचना मिलेगी, तकनीकी टीमें तुरंत मौके पर पहुंचकर उसे ठीक करेंगी। जले हुए ट्रांसफार्मर को भी तुरंत बदलने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोगों को ज्यादा देर तक अंधेरे में न रहना पड़े।

