RANCHI : झारखंड हाई कोर्ट के आदेश के बाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड (सीयूजे) में प्रार्थी अमित कुमार चौबे का पीएचडी में नामांकन सुनिश्चित कर दिया गया है। कोर्ट ने विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया था कि योग्य अभ्यर्थी का प्रवेश तीन सप्ताह के भीतर पूरा किया जाए। मामला तब सामने आया, जब पात्रता पूरी करने के बावजूद अमित कुमार चौबे को पीएचडी में प्रवेश नहीं दिया गया, जबकि संबंधित विभाग में सीटें खाली थीं। इसके बाद प्रार्थी ने कोर्ट की शरण ली। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता अफसर रजा ने पक्ष रखते हुए कहा कि उपलब्ध सीटों के बावजूद योग्य उम्मीदवार को प्रवेश से वंचित करना शिक्षा के अधिकार और समान अवसर के सिद्धांत के विपरीत है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने माना कि उच्च शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी है कि योग्य छात्रों को अवसर प्रदान किया जाए। यदि सीटें रिक्त हैं तो पात्र अभ्यर्थियों को प्रवेश से वंचित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने विश्वविद्यालय को निर्धारित समयसीमा के भीतर नामांकन प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया। कोर्ट के आदेश के आलोक में विश्वविद्यालय ने प्रार्थी का नामांकन कर दिया। अधिवक्ता अफसर रजा ने कहा कि यह फैसला शिक्षा में समान अवसर और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

