Home » Jharkhand News: बालू के अवैध धंधे पर लगेगी रोक; राज्यस्तरीय टास्क फोर्स ने बनाई रणनीति

Jharkhand News: बालू के अवैध धंधे पर लगेगी रोक; राज्यस्तरीय टास्क फोर्स ने बनाई रणनीति

by Kanchan Kumar
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

रांची। झारखंड में बालू के अवैध धंधे पर रोक के लिए विभाग सख्त है। इसके लिए योजना बनाई जा रही है। राज्य में अवैध बालू के उठाव, परिवहन एवं भंडारण जारी है। इस पर रोक के लिए 11 मई को राज्यस्तरीय टास्क फोर्स की बैठक बुलाई गई है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी उपायुक्तों, जिला खनन पदाधिकारियों तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे।

राज्य के विभिन्न जिलों में बालू घाटों का संचालन लंबित रहने के कारण अवैध कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है। इसमें राज्य सरकार तथा आम उपभोक्ता- दोनों को नुकसान हो रहा है। राज्य सरकार को भी इसकी शिकायतें लगातार मिल रही हैं।

विभाग से रविवार को मिली जानकारी के अनुसार इस पर रोक के लिए 11 मई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दोपहर तीन बजे बैठक होगी, जिसमें सभी उपायुक्तों, जिला खनन पदाधिकारियों, बीडीओ और सफल बोलीदाताओं को शामिल होने का निर्देश दिया गया है।

जानकारी के अनुसार झारखंड के 16 जिलों में 229 बालू घाटों की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन लीज डीड की प्रक्रिया लंबित रहने के कारण अब तक संचालन शुरू नहीं हो पाया है।

रोक के लिए इन माध्यमों का लिया जाएगा सहारा

खान विभाग का मानना है कि घाट चालू नहीं होने से कई इलाकों में अवैध रूप से बालू की निकासी और खुले बाजार में बिक्री जारी है। खान निदेशक राहुल कुमार सिन्हा की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि लंबित लीज डीड की समीक्षा कर प्रक्रिया में तेजी लाई जाये।

बैठक में सभी जिलों के आवंटित बालू घाटों की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा होगी। अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विभाग आधुनिक तकनीक का भी सहारा लेने जा रहा है। खनन क्षेत्रों की निगरानी के लिए सभी पट्टों की शेप फाइल तैयार की जा रही है, ताकि सैटेलाइट के जरिए गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। इसके अलावा कोयला मंत्रालय के खनन प्रहरी मोबाइल ऐप से मिलने वाली शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया गया है।

संवेदनशील मार्गों पर वाहन ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने, चेकपोस्ट बनाने तथा रेलवे साइडिंग और प्रवेश-निकासी स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी भी की जा रही है। विभाग को उम्मीद है कि बालू घाटों का संचालन जल्द शुरू होने के बाद अवैध कारोबार पर काफी हद तक नियंत्रण लगाया जा सकेगा।

Read Also: Indian Innovation: नीति आयोग फेलोशिप से शुरू हुआ सफर; अब राष्ट्रीय मंच पर चमका Koderma का युवा वैज्ञानिक कुणाल

Related Articles

Leave a Comment