
रांची : झारखंड में रमजान के दौरान मुस्लिम कर्मचारियों को विशेष छुट्टियां देने के फैसले ने राज्य की सियासत में हलचल मचा दी है। राज्य सरकार द्वारा मुस्लिम कर्मचारियों को रमजान महीने में एक घंटा पहले छुट्टी देने और जुमे की नमाज के लिए विशेष छुट्टी की घोषणा की गई। इसके बाद BJP सांसद निशिकांत दुबे ने इस मुद्दे पर तीखा बयान दिया, जिससे राज्य में राजनीतिक विवाद बढ़ गया।
बीजेपी सांसद का विवादास्पद बयान
निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया पर यह बयान दिया, “अब वक्त आ गया है कि झारखंड को इस्लामिक राज्य घोषित किया जाए।” उनके इस बयान से राज्य की सियासत में तूफान आ गया है। बीजेपी ने इस बयान को सरकार के फैसले की आलोचना के रूप में देखा, जबकि कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा ने इसे धार्मिक समानता के दृष्टिकोण से सही ठहराया।
विशेष छुट्टी की व्यवस्था और रमजान का महत्व
रमजान इस्लाम धर्म का पवित्र महीना है, जिसमें मुसलमान दिनभर उपवास रखते हैं। झारखंड सरकार ने मुस्लिम कर्मचारियों के धार्मिक कर्तव्यों का सम्मान करते हुए एक विशेष व्यवस्था की है। इसके तहत, कर्मचारियों को रोज 1 घंटे पहले छुट्टी दी जाएगी, और शुक्रवार को जुमे की नमाज के लिए दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक छुट्टी दी जाएगी। सरकार ने इसे सामाजिक सद्भाव बनाए रखने और कर्मचारियों के अधिकारों का सम्मान करने के रूप में देखा है।
सियासी बयानबाजी और विपक्षी प्रतिक्रियाएं
निशिकांत दुबे का बयान राज्य की सियासत में विवाद पैदा कर गया है। बीजेपी ने इसे सरकार के फैसले का विरोध करते हुए वोटबैंक की राजनीति से जोड़ दिया है। वहीं, कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा ने इसे धार्मिक समानता की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया है।
विवाद और राजनीतिक माहौल में तनाव
बीजेपी सांसद के बयान ने समाज में भी बहस छेड़ दी है, और लोग सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर सक्रिय हो गए हैं। राज्य के राजनीतिक माहौल में इस बयान के बाद तनाव बढ़ गया है, और अगले दिनों में इस पर और भी बयानबाजी देखने को मिल सकती है।

