रांची : झारखंड राज्य में वेतन मद से कोषागार के माध्यम से अवैध निकासी और वित्तीय गड़बड़ियों के मामलों के सामने आने के बाद पथ निर्माण विभाग भी सख्त हो गया है। मुख्य सचिव अविनाश कुमार के निर्देश के आलोक में विभाग ने इंजीनियरिंग विंग में लंबे समय से जमे वित्तीय कार्यों से जुड़े कर्मियों के तबादले का आदेश जारी किया है।
पथ निर्माण विभाग के अवर सचिव राज किशोर प्रसाद चौहान ने इस संबंध में सभी मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं और कार्यपालक अभियंताओं को पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि जिन विपत्र लिपिकों और वित्तीय कार्यों से जुड़े कर्मचारियों की एक ही स्थान पर पदस्थापन अवधि तीन वर्ष से अधिक हो चुकी है, उनका अनिवार्य रूप से स्थानांतरण किया जाए।
विभाग ने कहा है कि राज्य के विभिन्न जिलों में कर्मचारी विवरण में छेड़छाड़, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर राशि निकासी और सरकारी धन को अन्य खातों में स्थानांतरित करने जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। इसे देखते हुए वित्तीय व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
विभाग ने संविदा और एकमुश्त मानदेय पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों को वित्तीय कार्यों से दूर रखने का भी निर्देश दिया है। सभी संबंधित अधिकारियों को 20 मई 2026 तक अनुपालन प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा गया है। बता दें कि पुलिस विभाग के अंतर्गत बोकारो और हजारीबाग जिला में सबसे पहले वित्तीय गड़बड़ी पकड़ाई है।

