
मौजूदा एसआईआर में अर्हता तिथि एक अक्टूबर 2026 : सीईओ
रांची : झारखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में दूसरे राज्यों में जन्मे या पूर्व में वहां निवास कर चुके मतदाताओं को आयु और जन्म स्थान के सत्यापन के लिए झारखंड से जारी दस्तावेज ही प्रस्तुत करने की बाध्यता नहीं होगी। संबंधित राज्य से जारी भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर के लिए मान्य दस्तावेज भी स्वीकार किए जाएंगे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि मतदाता सूची में नाम शामिल होने के लिए व्यक्ति का भारतीय नागरिक होना, संबंधित निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी होना और निर्धारित अर्हता तिथि पर 18 वर्ष की आयु पूरी करना जरूरी है। मौजूदा एसआईआर में अर्हता तिथि 1 अक्टूबर 2026 है। दावा-आपत्ति और सुनवाई के दौरान यदि किसी मतदाता को आयु, जन्म स्थान अथवा अन्य विवरणों के सत्यापन के लिए नोटिस मिलता है, तो वह अपने संबंधित राज्य से जारी मान्य दस्तावेज प्रस्तुत कर सकता है। इसके लिए दस्तावेज का झारखंड से निर्गत होना जरूरी नहीं है।
दे सकते हैं वंशावली, खतियान और शैक्षणिक दस्तावेज
जन्म स्थान, आयु अथवा पारिवारिक संबंधों के सत्यापन के लिए वंशावली, सक्षम पदाधिकारी द्वारा जारी पारिवारिक सूची, खतियान, शैक्षणिक दस्तावेज समेत एसआईआर के लिए निर्धारित अन्य मान्य दस्तावेज प्रस्तुत किए जा सकते हैं। इन दस्तावेजों का परीक्षण संबंधित निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी निर्धारित प्रक्रिया के तहत करेंगे। नोटिस मिलने वाले मतदाताओं से निर्धारित समय पर सुनवाई में उपस्थित होकर उपलब्ध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है। निर्वाचन पदाधिकारियों को भी प्रत्येक मामले में दस्तावेजों की नियमानुसार जांच कर पात्रता पर निर्णय लेने का निर्देश दिया गया है। निर्वाचन विभाग का जोर इस बात पर है कि कोई पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न हो और किसी अपात्र अथवा विदेशी व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न रहे।

