Home » NABARD Classic Expo 2026 : ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुए बिना समावेशी विकास संभव नहीं : दीपिका पांडेय सिंह

NABARD Classic Expo 2026 : ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुए बिना समावेशी विकास संभव नहीं : दीपिका पांडेय सिंह

by Nikhil Kumar
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

ग्रामीण भारत महोत्सव-क्लासिक एक्सपो 2026 का उद्घाटन, बुनकरों, कारीगरों और महिला समूहों को बड़े बाजार से जोड़ने पर जोर
रांची : ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने शुक्रवार को रांची में नाबार्ड की ओर से आयोजित ‘ग्रामीण भारत महोत्सव-क्लासिक एक्सपो 2026’ के छठे संस्करण का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त किए बिना समावेशी विकास संभव नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार होने वाले उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराना और उत्पादकों को उनके मेहनत का उचित मूल्य दिलाना जरूरी है।
मंत्री ने कहा कि कृषि के साथ ग्रामीण परिवारों के लिए आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करना जरूरी है। इससे परिवार आर्थिक रूप से मजबूत होंगे और बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य समेत जीवन स्तर में सुधार आएगा। उन्होंने कहा कि बुनकरों, कारीगरों और महिला समूहों को केवल प्रशिक्षण देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें बाजार से जोड़ना भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि कई बार गांवों में तैयार उत्पाद बड़े शहरों में कई गुना अधिक कीमत पर बिकते हैं। ऐसे में उत्पाद से होने वाले मुनाफे का उचित हिस्सा उस कारीगर और बुनकर तक पहुंचना चाहिए, जिसकी मेहनत से उत्पाद तैयार हुआ है। ग्रामीण भारत महोत्सव जैसे आयोजन उत्पादकों को सीधे खरीदारों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बायर्स-सेलर्स मीट के माध्यम से ग्रामीण उत्पादकों को बड़े बाजार की मांग और कीमत की जानकारी भी मिलती है।
दीपिका पांडेय सिंह ने ग्रामीण उद्यमियों के लिए आसान और पर्याप्त ऋण की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बड़े उद्योगों की तरह ग्रामीण उद्यमियों और महिला समूहों को भी वित्तीय सहयोग मिलना चाहिए। झारखंड में ग्रामीण विकास विभाग और जेएसएलपीएस के माध्यम से महिला समूहों को स्वरोजगार, प्रशिक्षण, वित्तीय अवसर और बाजार से जोड़ने का काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि झारखंड के ग्रामीण हुनर, महिलाओं की मेहनत और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। एक्सपो में देशभर से आए बुनकरों, कारीगरों और महिला समूहों ने हैंडलूम, हस्तशिल्प, आर्ट एंड क्राफ्ट समेत विभिन्न ग्रामीण उत्पादों के स्टॉल लगाए हैं। झारखंड की सिल्क साड़ियां और हस्तशिल्प विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। उद्घाटन के बाद मंत्री ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर उत्पादकों से बातचीत की।

Related Articles

Leave a Comment