
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय सभागार में उपायुक्त मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने लद्दाख में आयोजित डीज़ो-जोंगो पर्वतारोहण अभियान में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले जिले के दो दृष्टिबाधित पर्वतारोहियों शेखर गोप और धीरोज कुंभार को सम्मानित किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने उनकी उपलब्धि की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। मौके पर जिला खेल पदाधिकारी मार्कस हेम्ब्रम भी मौजूद रहे।
जगन्नाथपुर प्रखंड के तोंड़ागहातु निवासी शेखर गोप ने लगभग 20,000 फीट ऊंचे डीज़ो-जोंगो शिखर पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की, जबकि नोआमुंडी प्रखंड के बड़ाजामदा निवासी धीरोज कुंभार ने 16,732 फीट की ऊंचाई पर स्थित अभियान के बेस कैंप तक पहुंचकर कामयाबी हासिल की।
दोनों पर्वतारोही जन्म से दृष्टिबाधित हैं और साल 2022 से नोवामुंडी में टाटा स्टील फाउंडेशन की दिव्यांगता समावेशन पहल ‘सबल’ से जुड़े हुए हैं। यहां उन्होंने स्वतंत्र आवागमन, आउटडोर तैयारी, डिजिटल स्किल और जीवन कौशल का प्रशिक्षण लिया, जिसने उन्हें इस कठिन चुनौती के लिए तैयार किया।
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि शेखर और धीरोज की यह उपलब्धि साबित करती है कि सही प्रशिक्षण, अवसर और प्रोत्साहन मिलने पर दिव्यांगजन भी कठिन से कठिन लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं। जिला प्रशासन प्रतिभाओं को उनकी क्षमता और रुचि के अनुसार अवसर देने और समावेशी माहौल को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने भी दोनों के साहस, आत्मविश्वास और दृढ़ इच्छाशक्ति की तारीफ की और कहा कि उनकी सफलता अन्य युवाओं, खासकर दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणा बनेगी।
शेखर और धीरोज इससे पहले ब्लाइंड फुटबॉल में झारखंड का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं। ग्रामीण पश्चिमी सिंहभूम से लद्दाख के दुर्गम पहाड़ों तक का उनका यह सफर खेल प्रतिभा के साथ-साथ आत्मविश्वास, निरंतर मेहनत और अवसरों के महत्व को दर्शाता है। जिला प्रशासन का यह सम्मान दिव्यांगजनों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने और समान अवसर व समावेशी विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। दोनों पर्वतारोहियों ने अपनी उपलब्धि से पश्चिमी सिंहभूम जिले का नाम रोशन किया है।

