
रांची : झारखंड में विकसित भारत-जी राम जी (वीबी-ग्रामजी) योजना के तहत अकुशल श्रमिकों के कार्य-मानकों में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। अब एक दिन की मजदूरी पाने के लिए श्रमिकों को पहले की तरह 73 सीएफटी मिट्टी कटाई नहीं करनी होगी। टाइम एंड मोशन स्टडी (टीएमएस) के आधार पर औसतन 50.43 सीएफटी मिट्टी कटाई पर एक दिन की मजदूरी का प्रावधान किया गया है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से निर्धारित टाइम एंड मोशन स्टडी के तहत श्रमिकों की कार्यक्षमता, कार्य की प्रकृति, श्रम और एक कार्यदिवस में वास्तविक रूप से किए जा सकने वाले काम का आकलन किया गया है। इसी आधार पर ग्रामीण कार्यों के लिए कार्य-मात्रा और मजदूरी भुगतान से संबंधित नई दरें निर्धारित की गई हैं।
नई व्यवस्था के अनुसार सक्षम पुरुष श्रमिक के लिए 53.60 सीएफटी, सक्षम महिला के लिए 46.97 सीएफटी, वृद्ध सक्षम पुरुष के लिए 45.97 सीएफटी तथा वृद्ध महिला के लिए 40.53 सीएफटी मिट्टी कटाई निर्धारित की गई है। वहीं दिव्यांग पुरुष श्रमिक के लिए 39.05 सीएफटी और दिव्यांग महिला श्रमिक के लिए 34.46 सीएफटी मिट्टी कटाई पर एक दिन की मजदूरी का प्रावधान होगा।
राज्य के लिए टाइम एंड मोशन स्टडी के तहत निर्धारित मदवार दरों को ग्रामीण विकास मंत्रालय, नई दिल्ली से अनुमोदन मिल चुका है। अधिकारियों के अनुसार, इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सामान्य श्रमिक एक सामान्य कार्यदिवस में निर्धारित कार्य को वास्तविक परिस्थितियों में पूरा कर सके और अधिसूचित दैनिक मजदूरी अर्जित कर सके।महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांग श्रमिकों की कार्यक्षमता को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग कार्य-मानक तय किए गए हैं। इससे श्रमिकों के लिए पूर्ण कार्यदिवस की मजदूरी अर्जित करना पहले की तुलना में अधिक सुगम होने की उम्मीद है।
फिलहाल नई दरों और कार्य-मात्रा को सिक्योर सॉफ्ट में शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है। तकनीकी प्रक्रिया पूरी होने और नई दरों के अपलोड होते ही टाइम एंड मोशन स्टडी के तहत स्वीकृत नए कार्य-मानकों को झारखंड में वीबी-ग्रामजी योजना के अंतर्गत लागू कर दिया जाएगा। नई व्यवस्था से कार्य की मात्रा और मजदूरी भुगतान के बीच बेहतर सामंजस्य स्थापित होने की बात कही गई है।

