रांची : झारखंड में ठंड ने एक बार फिर तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। उत्तर-पश्चिम से आ रही सर्द हवाओं के कारण राज्य के कई हिस्सों में तापमान तेजी से गिरा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इसे देखते हुए झारखंड के 12 जिलों में शीतलहर को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले तीन दिनों तक ठंड का असर और बढ़ सकता है, जिससे जनजीवन पर व्यापक प्रभाव पड़ने की आशंका है।

Jharkhand Weather Update : अगले 3 दिन में और बढ़ेगी ठंड
रांची स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने स्पष्ट किया है कि निचले क्षोभमंडल में सक्रिय उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं के चलते न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट संभव है। यह स्थिति 27 दिसंबर तक बनी रह सकती है। वर्तमान में राज्य के कम से कम 9 जिलों में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया जा चुका है, जिससे सुबह और रात के समय ठिठुरन काफी बढ़ गई है।
इन 12 जिलों में जारी किया गया येलो अलर्ट
IMD द्वारा जिन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, उसमें गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, चतरा, हजारीबाग, रामगढ़, कोडरमा, रांची, खूंटी और बोकारो शामिल हैं। इन क्षेत्रों में आज सुबह से शनिवार तक शीतलहर का प्रभाव बना रहने का अनुमान है। इसके अलावा बोकारो और सिमडेगा जिले में भी तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।
Ranchi Weather News : राजधानी में बढ़ी ठिठुरन
राजधानी रांची में भी ठंड का असर साफ दिखाई दे रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, रांची का न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। खुले इलाकों और सुबह के समय ठंडी हवाओं के कारण लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है। वहीं, जमशेदपुर में न्यूनतम तापमान 12.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो अन्य जिलों की तुलना में कुछ बेहतर स्थिति मानी जा रही है।
गुमला इस समय झारखंड का सबसे ठंडा जिला बना हुआ है, जहां न्यूनतम तापमान 3.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा डाल्टनगंज में 6.1 डिग्री और हजारीबाग में 7.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है। इन इलाकों में शीतलहर का प्रभाव सबसे अधिक देखा जा रहा है।
Jharkhand Cold Wave Alert : सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने ठंड को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को ठंडी हवाओं से बचाव करने और सुबह-शाम अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

