
चाईबासा : केंद्र सरकार द्वारा पारित खान एवं खनिज संशोधन विधेयक 2026 के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने आंदोलन तेज कर दिया है। इसी क्रम में चक्रधरपुर विधायक आवास कार्यालय में झामुमो चक्रधरपुर प्रखंड कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक प्रखंड अध्यक्ष सन्नी उरांव की अध्यक्षता में हुई। बैठक का संचालन प्रखंड सचिव ताराकांत सिजुई ने किया। बैठक में MMDR संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ रणनीति तय की गई। कार्यकर्ताओं ने इस विधेयक को जनविरोधी और झारखंड के हितों के खिलाफ बताते हुए गहरा आक्रोश जताया। बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। सबसे बड़ा फैसला यह रहा कि 7 सितंबर 2026 को चक्रधरपुर प्रखंड कार्यालय के सामने एक दिवसीय विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें प्रखंड भर से बड़ी संख्या में ग्रामीण, कार्यकर्ता और समर्थक शामिल होंगे। इस विधेयक से झारखंड को होने वाले नुकसान के बारे में लोगों को बताने के लिए गांव, पंचायत और प्रखंड स्तर पर चरणबद्ध जन आंदोलन चलाया जाएगा।
संगठन को मजबूत करने को लेकर भी चर्चा
संगठन को मजबूत करने को लेकर भी चर्चा हुई। इसके तहत बूथ कमेटी के विस्तार और हर बूथ पर संगठन की स्थिति की समीक्षा करने का निर्णय लिया गया। कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गई कि वे घर-घर जाकर केंद्र की नीतियों के खिलाफ लोगों को जागरूक करें। बैठक में झारखंड आंदोलनकारी चिन्हितीकरण आयोग के सदस्य भुवनेश्वर महतो और विधायक प्रतिनिधि पीरू हेम्ब्रम विशेष रूप से मौजूद रहे। इसके अलावा विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में सक्रिय कार्यकर्ता उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में कहा कि झारखंड के खनिज और राजस्व अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

