Jamshedpur : झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा आयोजित झारखंड पात्रता परीक्षा-2024 के सफल, शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त संचालन को लेकर पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। यह परीक्षा 26 अप्रैल रविवार को जिले के 93 परीक्षा केंद्रों पर एक ही पाली में सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित होगी, जिसमें कुल 39,265 अभ्यर्थी शामिल होंगे।
परीक्षा की तैयारियों को लेकर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राजीव रंजन और वरीय पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय ने सिदगोड़ा स्थित बिरसा मुंडा टाउन हॉल में दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और केंद्राधीक्षकों के साथ विस्तृत ब्रीफिंग की। इस दौरान सभी अधिकारियों को परीक्षा को निष्पक्ष और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी स्टैटिक दंडाधिकारी और केंद्र पर्यवेक्षक परीक्षा शुरू होने से कम से कम दो घंटे पहले अपने केंद्रों पर उपस्थित रहेंगे और वहां विधि-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगे। उड़नदस्ता टीम को प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिकाओं के सुरक्षित आदान-प्रदान की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रश्न पत्र के पैकेट खोलने की होगी वीडियोग्राफी
केंद्राधीक्षकों को परीक्षा के दौरान अनुशासन, शांति और पारदर्शिता बनाए रखने, साथ ही परीक्षा सामग्री के सुरक्षित डिस्पैच को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। प्रश्न पत्र और उत्तर पुस्तिकाओं के सील पैकेट खोलने और बंद करने की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी अनिवार्य की गई है।
उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि परीक्षा केंद्रों में मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्ट वॉच जैसे किसी भी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक रहेगी। साथ ही झारखंड प्रतियोगिता परीक्षा अधिनियम-2023 के तहत नकल या किसी भी तरह की गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सभी केंद्रों पर मेटल डिटेक्टर से होगी जांच
वहीं, एसएसपी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। सभी केंद्रों पर मेटल डिटेक्टर से जांच, अभ्यर्थियों की सघन फ्रिस्किंग और महिला अभ्यर्थियों की जांच महिला पुलिसकर्मियों द्वारा कराने को अनिवार्य किया गया है। परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़ नियंत्रण, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि भीषण गर्मी को देखते हुए अभ्यर्थियों और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

