
रांची: झारखंड के युवाओं के लिए एक राहत भरी खबर है। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने प्रारंभिक विद्यालय प्रशिक्षित सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 का नया और संशोधित रिजल्ट जारी कर दिया है। यह रिजल्ट कक्षा 6 से 8 के भाषा शिक्षकों के लिए निकाला गया है।
आयोग ने 3 नवंबर 2026 को आधिकारिक तौर पर यह सूची जारी कर दी है। इस बार राज्य के 22 जिलों के कुल 1265 अभ्यर्थियों को इस परीक्षा में सफल घोषित किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हुआ बदलाव
यह पूरा बदलाव देश की सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद किया गया है। मामला आरक्षित वर्ग के मेधावी उम्मीदवारों को जनरल या सामान्य श्रेणी में जगह देने से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ निर्देश दिया था कि अगर कोई कानूनी रोक नहीं है, तो अधिक अंक लाने वाले आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सामान्य श्रेणी में जाने से सिर्फ प्रशासनिक नियमों के आधार पर नहीं रोका जा सकता। इसी आदेश का पालन करते हुए आयोग ने पुराना रिजल्ट रद्द कर यह नया संशोधित रिजल्ट जारी किया है।
किस जिले के कितने अभ्यर्थी हुए पास
आंकड़ों के मुताबिक, इस लिस्ट में सबसे ऊपर राजधानी रांची है। रांची जिले से सबसे अधिक 155 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। पलामू जिला 130 अभ्यर्थियों के साथ दूसरे स्थान पर है। गिरिडीह के 103 युवाओं का चयन हुआ है। अन्य जिले: हजारीबाग से 66, गढ़वा से 65, बोकारो और देवघर से 64-64, चतरा से 62, गोड्डा से 59, धनबाद से 58, सरायकेला-खरसावां से 56, पूर्वी सिंहभूम से 55, गुमला से 50, खूंटी से 43, जामताड़ा से 36, पश्चिमी सिंहभूम से 35, पाकुड़ से 28, लोहरदगा से 27, रामगढ़ और लातेहार से 23-23, तथा सिमडेगा से भी 23 अभ्यर्थी इस सूची में शामिल हैं।
इस आदेश के तहत बदला रिजल्ट
आयोग के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट के सिविल अपील और हाल ही में 17 सितंबर 2026 को पारित हुए अदालती आदेशों के बाद ही यह कदम उठाया गया है। नए रिजल्ट में उम्मीदवारों के रजिस्ट्रेशन नंबर, शिक्षक के प्रकार, उनकी आरक्षण श्रेणी और उन्हें कौन सा जिला मिला है, इसकी पूरी जानकारी दी गई है।
कुछ परिणाम अभी भी क्यों हैं रुके
सभी का रिजल्ट अभी बाहर नहीं आया है। आयोग ने साफ किया है कि कुछ उम्मीदवारों के परिणाम अभी कोर्ट में चल रहे मामलों, खाली सीटों के विवाद या जरूरी कागजात और सर्टिफिकेट्स समय पर न मिलने की वजह से रोके गए हैं। जैसे ही कोर्ट से कोई नया आदेश आएगा या अभ्यर्थी अपने सही दस्तावेज जमा कर देंगे, उनके परिणामों पर भी विचार किया जा सकता है। आयोग ने यह अधिकार भी अपने पास सुरक्षित रखा है कि यदि टाइपिंग या डेटा में कोई छोटी-मोटी गलती हो जाती है, तो उसमें सुधार किया जा सकता है।
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