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KU: शिक्षक ओएमआर सीट में प्रश्न संख्या के आधार पर नहीं दर्ज कर रहे मार्क्स, मूल्यांकन से बाहर करने की चेतावनी

by Rakesh Pandey
Kolhan University inter fund
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जमशेदपुर:: कोल्हान विश्वविद्यालय (KU) के शिक्षक उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन में बड़ी लापरवाही बरत रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार मूल्यांकन के दौरान शिक्षक मूल्यांकन पत्रिका’ (ओएमआर शीट) में अंकों की प्रविष्टि प्रश्न संख्या के आधार पर नहीं कर रहे हैं। उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य में हो रहे लापरवाही को देखते हुए विवि के परीक्षा नियंत्रक कार्यालय ने कड़ा रुख अपनाया है।

विश्वविद्यालय द्वारा जारी एक हालिया अधिसूचना के माध्यम से सभी महाविद्यालयों के परीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे मूल्यांकन प्रक्रिया के नियमों का सख्ती से पालन करें। परीक्षा नियंत्रक द्वारा जारी नोटिस कहा गया है कि उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन के दौरान ‘मूल्यांकन पत्रिका’ (ओएमआर शीट) में अंकों की प्रविष्टि प्रश्न संख्या के आधार पर करना अनिवार्य है। लेकिन विश्वविद्यालय के संज्ञान में यह बात आई है कि कुछ परीक्षकों द्वारा इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे मूल्यांकन की पारदर्शिता और डेटा प्रबंधन में समस्या आ रही है।

भविष्य के लिए प्रतिबंध की चेतावनी

विश्वविद्यालय प्रशासन ने शिक्षकों को चेतावनी दी है कि यदि मूल्यांकन कार्य में पुन: किसी भी प्रकार की लापरवाही बरती जाती है या निर्देशों की अवहेलना की जाती है, तो संबंधित परीक्षकों को भविष्य में उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन कार्य से वंचित कर दिया जाएगा।

अंकों या उत्तरों की प्रविष्टि प्रश्न संख्या के आधार पर इस लिए है जरूरी:

:: ओएमआर शीट मशीन द्वारा पढ़ी जाती है। हर गोला एक खास प्रश्न संख्या से जुड़ा होता है। अगर आपने गलत प्रश्न संख्या के सामने उत्तर भर दिया, तो मशीन उसे उसी प्रश्न का उत्तर मानेगी। भले ही आपका वास्तविक उत्तर सही हो।
:: सभी छात्रों का मूल्यांकन एक ही पैटर्न से होता है। प्रश्न संख्या के अनुसार प्रविष्टि करने से किसी भी प्रकार की मानवीय त्रुटि या पक्षपात की संभावना कम हो जाती है।
:: ओएमआर में अगर प्रश्न 5 का उत्तर गलती से प्रश्न 6 के स्थान पर भर दिया, तो उसके बाद के सारे उत्तर भी गलत स्थान पर शिफ्ट हो सकते हैं, जिससे पूरे पेपर के अंक प्रभावित हो सकते हैं।
:: अगर कोई छात्र बाद में परिणाम की जांच या पुनर्मूल्यांकन की मांग करता है तो प्रश्न संख्या के अनुसार सही प्रविष्टि से रिकॉर्ड स्पष्ट रहता है, इसमें गलती होने से विभाग सवालों के घेरे में रहता है।

वर्जन:

कुछ शिक्षक अंकों की प्रविष्टि प्रश्न संख्या के आधार पर नहीं कर रहे हैं। जो एक बड़ी गलती है ऐसे शिक्षकों को चेतावनी जारी की गयी है। जिसमें कहा गया है कि अगर फिर से इस प्रकार की गलती हुई तो संबंधित शिक्षकों को मूल्यांकन कार्य से बाहर कर दिया जाएगा। रिंकी डोराई, परीक्षा नियंत्रक केयू

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