
लातेहार : झारखंड के लातेहार जिला अंतर्गत गारु प्रखंड के कबरी ग्राम के ग्राम प्रधान राजेंद्र उरांव की जिंदगी की आखिरी रात लातेहार शहर की सड़कों पर भटकते हुए बीती। बुधवार को उन्हें कई लोगों ने शराब के नशे में शहर की गलियों और मुख्य सड़कों पर डगमगाते हुए देखा था। किसी ने शायद यह नहीं सोचा था कि अगले ही दिन गुरुवार की सुबह उनकी सांसें हमेशा के लिए थम चुकी होंगी। बाबू साहब होटल के पास सड़क किनारे उनका शव मिलने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
गांव में मातम पसर गया और हर जुबान पर एक ही सवाल था काश, किसी ने समय रहते उन्हें संभाल लिया होता। गुरुवार सुबह स्थानीय लोगों ने बाबू साहब होटल के पास एक व्यक्ति का शव पड़ा देखा। सूचना मिलते ही सदर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। प्रारंभिक तौर पर शव की पहचान नहीं हो सकी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान के प्रयास शुरू किए और बाद में उसकी पहचान गारु प्रखंड के कबरी गांव के ग्राम प्रधान राजेंद्र उरांव के रूप में हुई।
पुलिस के अनुसार, शव के चेहरे पर गिरने से लगी चोट के निशान मिले हैं। घटनास्थल से एक बैग और चप्पल भी बरामद किए गए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। फिलहाल हर पहलू से जांच की जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, राजेंद्र उरांव बुधवार से ही शराब के नशे में शहर की सड़कों पर इधर-उधर घूम रहे थे। रात कैसे बीती, किस परिस्थिति में वह सड़क किनारे पहुंचे और उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह अब भी जांच का विषय बना हुआ है। राजेंद्र उरांव ग्राम प्रधान होने के साथ गांव के एक सक्रिय सामाजिक चेहरे भी थे। उनके असामयिक निधन की खबर मिलते ही कबरी गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजन और ग्रामीणों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है।
यह घटना एक बार फिर इस कड़वी सच्चाई को सामने लाती है कि नशे की लत केवल एक व्यक्ति ही नहीं, पूरे परिवार और समाज को गहरे दुख में डुबो देती है। अब सभी की निगाहें पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस मौत के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके।

