
पाकुड़ : झारखंड-बंगाल सीमा से सटे पाकुड़ जिले में कथित अवैध पत्थर खनन के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की जांच आगे बढ़ गई है। दुमका से पहुंची एसीबी की टीम ने गुरुवार को मामले से जुड़े अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा किया और संबंधित अधिकारियों से जानकारी जुटाई। टीम ने सदर अंचल के कसियाडांगा, कान्हूपुर और सिंहगड्ढा क्षेत्र में पहुंचकर कथित अवैध खनन से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की।
मामला करीब 16 बीघा जमीन पर कथित तौर पर अवैध पत्थर खनन कराए जाने से जुड़ा है। आरोप है कि राजग्राम के एक पत्थर कारोबारी की ओर से संबंधित क्षेत्र में अवैध खनन कराया गया। इस मामले में सरकारी राजस्व को करीब 50 करोड़ रुपये के नुकसान की बात सामने आई है। एसीबी की टीम अब मामले से जुड़े दस्तावेजों और पूर्व में हुई जांच के रिकॉर्ड के आधार पर पूरे प्रकरण की जानकारी जुटा रही है।
पाकुड़ अवैध खनन मामले में एसीबी ने जुटाई जानकारी
एसीबी दुमका की टीम ने गुरुवार को पाकुड़ पहुंचने के बाद कथित अवैध खनन वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया। टीम ने कसियाडांगा, कान्हूपुर और सिंहगड्ढा में पहुंचकर मामले से संबंधित जानकारी ली। जांच के दौरान अधिकारियों ने खनन से जुड़े रिकॉर्ड और पूर्व में की गई कार्रवाई से संबंधित दस्तावेजों की भी जानकारी जुटाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का फोकस कथित अवैध खनन के क्षेत्र, उससे जुड़े अभिलेख और सरकारी राजस्व को हुए संभावित नुकसान पर है। एसीबी की टीम इस पूरे मामले से संबंधित उपलब्ध दस्तावेजों का अध्ययन कर रही है।
करीब 9.71 एकड़ में अवैध खनन की पुष्टि की बात
इस मामले में इससे पहले भी प्रशासनिक स्तर पर जांच और स्थल निरीक्षण कराया जा चुका है। पाकुड़ के पूर्व और वर्तमान उपायुक्त की ओर से सिविल अनुमंडल पदाधिकारी को जांच का निर्देश दिया गया था। इसके बाद सिविल अनुमंडल पदाधिकारी की मौजूदगी में संबंधित खनन क्षेत्र का डिजिटल वैश्विक स्थिति निर्धारण प्रणाली सर्वे कराया गया। सर्वे के बाद टीम ने अपनी रिपोर्ट खनन विभाग को सौंप दी थी। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 9.71 एकड़ क्षेत्र में अवैध खनन की पुष्टि होने की बात कही गई है। अब एसीबी द्वारा मामले को अपने स्तर पर लिए जाने के बाद पूर्व की जांच और सर्वे रिपोर्ट से जुड़े तथ्यों को भी जांच के दायरे में रखा जा रहा है।
एसीबी के जिम्मा लेने के बाद पहली बार पाकुड़ पहुंची टीम
मामले को एसीबी द्वारा अपने स्तर पर लिए जाने के बाद टीम पहली बार पाकुड़ पहुंची। दुमका एसीबी की टीम में पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी समेत अन्य अधिकारी शामिल थे। टीम ने पाकुड़ स्थित खनन कार्यालय पहुंचकर मामले से संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जानकारी ली।
इसके बाद एसीबी अधिकारियों ने सिविल अनुमंडल पदाधिकारी के आवासीय कार्यालय में भी पहुंचकर मामले से जुड़े दस्तावेज और आवश्यक जानकारी जुटाई। जांच टीम ने पूर्व में प्रशासन और खनन विभाग की ओर से की गई कार्रवाई से संबंधित रिकॉर्ड को भी देखा।
50 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का आरोप
कथित अवैध पत्थर खनन का यह मामला सरकारी राजस्व के संभावित नुकसान के आरोप से भी जुड़ा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करीब 16 बीघा जमीन पर अवैध खनन कराए जाने का आरोप है और इससे सरकार को करीब 50 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की बात सामने आई है।

