
रांची : रांची स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय पर जून में हुए पेट्रोल बम हमले की जांच अब वित्तीय लेन-देन के पहलू तक पहुंच गई है। प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को इस मामले से जुड़े धनशोधन की जांच के तहत दिल्ली, बिहार, झारखंड और कर्नाटक में एक साथ कई परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा दर्ज मामले के आधार पर की जा रही है।
प्रवर्तन निदेशालय की इस कार्रवाई का मुख्य केंद्र हमले के पीछे संभावित वित्तीय नेटवर्क और धन के स्रोत की जांच है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि रांची में आरएसएस कार्यालय पर हमला करने या इसकी साजिश में शामिल लोगों तक किसी अवैध माध्यम से धन पहुंचाया गया था या नहीं। तलाशी के दौरान संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल उपकरणों की जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, जांच अभी जारी है।
रांची आरएसएस कार्यालय पेट्रोल बम हमला मामले में चार राज्यों में तलाशी
आरएसएस के निवारणपुर स्थित प्रांतीय कार्यालय पर 16 जून की रात पेट्रोल बम फेंके गए थे। उपलब्ध जांच रिकॉर्ड के अनुसार, दो अज्ञात व्यक्तियों ने कार्यालय परिसर की ओर बम फेंके थे। बाद में इस मामले को राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने अपने अधीन लेकर जांच आगे बढ़ाई। राष्ट्रीय जांच एजेंसी के आधिकारिक मामले के रिकॉर्ड में इसे रांची स्थित आरएसएस कार्यालय परिसर की ओर बम फेंके जाने से संबंधित मामला बताया गया है।
इस घटना के बाद रांची पुलिस ने तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। इनमें सैफ अंसारी, अमन अंसारी और सायम सुजान के नाम सामने आए हैं। जांच के दौरान आरोपियों के संपर्क, उनकी गतिविधियों और हमले से जुड़े अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी पड़ताल की गई।
धनशोधन के कोण से जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय
प्रवर्तन निदेशालय की मौजूदा कार्रवाई का केंद्र हमले से जुड़े संभावित वित्तीय लेन-देन हैं। एजेंसी यह जांच कर रही है कि हमले के लिए किसी प्रकार की अवैध आर्थिक मदद उपलब्ध कराई गई थी या नहीं। इसके साथ ही संदिग्धों के बीच धन के लेन-देन और उससे जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है। इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी की जांच पहले ही रांची से बाहर तक पहुंच चुकी है। सितंबर में एनआईए ने पटना में भी दो परिसरों की तलाशी ली थी। उस कार्रवाई में वित्तीय दस्तावेजों और अन्य सामग्री की जांच की गई थी।
दुबई और पाकिस्तान से जुड़े संपर्क की भी जांच
रांची आरएसएस कार्यालय हमले की जांच के दौरान आरोपियों के कथित अंतरराष्ट्रीय संपर्क का पहलू भी सामने आया है। विभिन्न जांच रिपोर्टों में एक आरोपी के दुबई में रहने और वहां कुछ संदिग्ध संपर्कों से जुड़ने की जानकारी सामने आने का उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन संपर्कों और हमले के बीच संबंध की जांच एजेंसियां कर रही हैं और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि हमले के लिए स्थानीय स्तर पर किस तरह की सहायता उपलब्ध कराई गई। आरोपियों के संपर्कों, डिजिटल उपकरणों और संभावित वित्तीय लेन-देन को जांच का हिस्सा बनाया गया है।
लखनऊ में हमले की कथित योजना की भी पड़ताल
मामले की जांच के दौरान आरोपियों से पूछताछ में रांची के बाद लखनऊ में भी बड़ी वारदात की कथित योजना से संबंधित जानकारी सामने आने की बात कही गई है। जांच एजेंसियां इस दावे और इसके पीछे मौजूद कथित नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही हैं। फिलहाल इस पूरे मामले में एनआईए और प्रवर्तन निदेशालय की जांच अलग-अलग पहलुओं पर आगे बढ़ रही है।

