मुजफ्फरपुर : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में दुष्कर्म पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे मंत्री केदार गुप्ता का अमानवीय और असंवेदनशील व्यवहार अब सियासी विवाद में बदल गया है। गुरुवार को उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा, सांसद राज भूषण चौधरी निषाद और पंचायती राज मंत्री केदार गुप्ता पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान केदार गुप्ता द्वारा पीड़ित परिवार से ‘बेटा कसम खाओ कि तुम सच बोल रहे हो’ कहना और धक्का देना कैमरे में कैद हो गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि THE PHOTON NEWS इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
‘बेटा कसम खाओ…’: संवेदना की जगह सवाल
कुढ़नी की पीड़िता के परिजनों ने उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा से कहा कि अगर PMCH में समय पर इलाज होता तो बच्ची की जान बच सकती थी। इस पर मंत्री केदार गुप्ता आक्रोशित हो उठे और परिजन से बोले, ‘बेटा, कसम खाओ कि तुम सही बोल रहे हो।’ यह पूरी घटना उपमुख्यमंत्री के सामने हुई। वीडियो में मंत्री परिजनों को धक्का मारते हुए भी देखे जा सकते हैं।
उपमुख्यमंत्री ने मामले को संभाला
स्थिति बिगड़ते देख उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने हस्तक्षेप कर परिजनों से शांति से बात की और आश्वस्त किया कि मैं खुद इस मामले को देख रहा हूं। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
तेजस्वी यादव का हमला : ‘संवेदनहीनता की पराकाष्ठा’
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्ववर्ती ट्विटर) पर साझा करते हुए सरकार पर हमला बोला। उन्होंने लिखा-
‘यह कुकृत्य नीतीश सरकार और उनके भाजपाई मंत्रियों की संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। बिहार में अराजक स्थिति है। मंत्री से लेकर अधिकारी तक असंवेदनशील हो चुके हैं’।
मामला क्या है : कुढ़नी की मासूम के साथ दरिंदगी
कुढ़नी थाना क्षेत्र के एक गांव में 9 वर्षीय बच्ची अपने घर के सामने बैठी थी। तभी एक मछली बेचने वाला व्यक्ति, जो मनियारी थाना क्षेत्र का निवासी है, बच्ची को ‘मौसी के घर चलने’ का झांसा देकर दुकान पर ले गया। वहां उसे कुरकुरे दिए और फिर सुनसान जगह पर ले जाकर दुष्कर्म किया और गला व छाती चाकू से रेत दी। आरोपी मौके से फरार हो गया।
ऐसे हुआ खुलासा
बच्ची की मां ने जब उसे घर पर नहीं पाया तो खोजबीन शुरू हुई। गांववालों ने बताया कि आरोपी बच्ची को साइकिल पर लेकर घूम रहा था। ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया, जिससे पूछताछ में पूरे मामले का खुलासा हुआ।
इलाज में देरी बनी मौत की वजह
बच्ची को खून से लथपथ हालत में एक पोखर (तालाब) के पास पाया गया। पहले एसकेएमसीएच, मुजफ्फरपुर में इलाज हुआ, फिर उसे पटना के PMCH रेफर किया गया। परिजनों का आरोप है कि PMCH में समय पर इलाज नहीं मिल पाया, जिससे उसकी मौत हो गयी।
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