धनबाद : धनबाद में केंदुआडीह में भूधंसान गैस रिसाव के मुद्दे को लेकर सियासत गरमा गई है। लोग एक दूसरे पर इस गंभीर समस्या को लेकर निशाना साध रहे हैं। धनबाद विधायक राज सिन्हा ने शुक्रवार को बीसीसीएल और जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें संवेदनहीन बताया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दबाव में आकर फैसले लिए जा रहे हैं और पीड़ितों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है।
विधायक ने केंदुआडीह मुद्दे पर बिना अगली तारीख तय किए हाई लेवल मीटिंग को अचानक स्थगित करने पर भी सवाल उठाए और कहा कि इससे साफ है कि प्रशासन गंभीर नहीं है। साथ ही उन्होंने भूधंसान गैस रिसाव पीड़ितों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया गया है।
प्रीति पूजा की लिखित और वर्ष 2006 में प्रकाशित पुस्तक ‘खदानों से संवेदना के स्वर’ की प्रति सह-लेखक अनिल पांडेय ने विधायक राज सिन्हा को भेंट की। इस दौरान विधायक ने किताब का जिक्र करते हुए कहा कि यह पुस्तक उस समय के बीसीसीएल अधिकारियों की कार्यशैली और सोच को उजागर करती है।
कोल इंडिया को नवरत्न बनाने वाले श्रमिकों का भी उठाया मुद्दा
उन्होंने आरोप लगाया कि बीसीसीएल को मुनाफे में लाने और कोल इंडिया को नवरत्न बनाने में जिन श्रमिकों ने अपनी जिंदगी खपा दी, उन्हीं श्रमिकों को बाद में नजरअंदाज कर दिया गया।
राज सिन्हा ने जिले के वर्तमान अधिकारियों को संवेदनहीन बताते हुए कहा कि वह भविष्य में केंदुआडीह के लोगों के हर मुद्दे पर उनके साथ खड़े रहेंगे। इस दौरान उन्होंने पूर्व मेयर सह झामुमो नेता चंद्रशेखर अग्रवाल पर भी निशाना साधा और कहा कि जो लोग पीड़ितों के समर्थन में एक मिनट के लिए भी मौके पर नहीं पहुंचे, वे आज उनकी कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं, जो हास्यास्पद है।

