RANCHI: राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत 18वें दिन रविवार को कांके प्रखंड स्थित सदमा गांव में सड़क सुरक्षा को लेकर एक जागरूकता चौपाल का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर जिला परिवहन पदाधिकारी अखिलेश कुमार के नेतृत्व में चलाया जा रहा है। जिसमें सैकड़ों ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सड़क दुर्घटनाओं को कम करना था। चौपाल के दौरान ग्रामीणों के साथ सड़क सुरक्षा को लेकर सकारात्मक परिचर्चा की गई, जिसमें लोगों ने खुलकर अपने विचार साझा किए।
रोड सेफ्टी बुक का वितरण
डिस्ट्रिक्ट रोड इंजीनियर एनालिस्ट गौरव कुमार ने ग्रामीणों को यातायात नियमों के पालन, सुरक्षित ड्राइविंग, सीट बेल्ट व हेलमेट के उपयोग, गति सीमा, ट्रिपल लोडिंग से बचाव, मोबाइल फोन से दूरी और शराब पीकर वाहन न चलाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क नियमों की अनदेखी अधिक देखने को मिलती है, जबकि जीवन अमूल्य है। दुर्घटना की स्थिति में वीडियो बनाने की बजाय घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाना जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है। ग्रामीणों के बीच रोड सेफ्टी बुक का वितरण कर शपथ दिलाई गई। जन विकास मंच द्वारा सड़क सुरक्षा पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसने लोगों को सुरक्षा का संदेश दिया।
इनकी रही मौजूदगी
उनके साथ रिलेशंस के निदेशक आशुतोष द्विवेदी, जिला परिषद सदस्य किरण देवी, स्टार वॉरियर्स फुटबॉल क्लब के निदेशक अनवारूल हक और अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी दिव्यानी लिंडा समेत कई गणमान्य मौजूद थे। वहीं विशिष्ट अतिथि के तौर पर माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई करने वाले चार पर्वतारोही अवधेश बिहारी लाल, जितेंद्र प्रताप, महेंद्र प्रताप और गोविंद नंद जी की उपस्थिति ने कार्यक्रम को प्रेरणादायक बना दिया।

