पलामू। जिले के पांकी थाना क्षेत्र में गुरुवार को प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। मरीज के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। लोगों को समझाते हुए सिविल सर्जन डॉ अनिल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का पता चल जाएगा। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है,तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
गुरुवार को पांकी के डंडारकला गांव निवासी पप्पू ठाकुर की गर्भवती पत्नी दुर्गा कुमारी (22) और उसके नवजात बच्चे की प्रसव के दौरान मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, प्रसव पीड़ा शुरू होने पर दुर्गा कुमारी को पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। लेकिन अस्पताल में महिला की बिगड़ती हालत को गंभीरता से नहीं लिया गया और काफी देर तक समुचित इलाज की व्यवस्था नहीं की गई।
स्थिति बेकाबू होने पर किया गया एमएमसीएच रेफर
स्थिति अधिक खराब होने पर गुरुवार की सुबह उसे मेदिनीनगर स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एमएमसीएच) रेफर किया गया। परिजनों के मुताबिक एमएमसीएच पहुंचने के बाद जांच के दौरान डॉक्टरों ने जच्चा और बच्चा दोनों को मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मियों और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि समय पर बेहतर इलाज और रेफरल की व्यवस्था की जाती, तो मां और बच्चे की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
एक दिन पूर्व भी हुई थी जच्चा-बच्चा की मौत, हंगामा
इसके पूर्व बुधवार को भी मां गोदावरी अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी जिसके बाद काफी हंगामा हुआ था। तब भी परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया था। लगातार दो दिनों में जच्चा-बच्चा की मौत की घटनाओं ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं और ग्रामीण अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

