घाटशिला: हुल दिवस के मौके पर 30 जून को भोगनाडीह शहीद स्थल पर हुई असहमति और विवाद को लेकर झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बुधवार की शाम घाटशिला स्थित झारखंड मुक्ति मोर्चा के संपर्क कार्यालय में उन्होंने कहा कि यह पूरी घटना भाजपा के एक पूर्व नियोजित षड्यंत्र का परिणाम है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि कई दिन पहले से भाजपा से जुड़े कुछ कार्यकर्ता उस क्षेत्र में कैंप कर रहे थे, जो अब गिरफ्तार भी हो चुके हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जमशेदपुर से एक युवक वहां आखिर क्या करने गया था।
रामदास सोरेन ने प्रशासन की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि वहां के डीसी और एसपी ने जिस तरह हस्तक्षेप कर हालात को संभाला, वह सराहनीय है। उन्होंने बताया कि अनुमंडल पदाधिकारी का एक हाथ टूट गया और दो पुलिसकर्मियों को तीर लगा। फिर भी जिला प्रशासन ने पूरी घटना को संयमित तरीके से नियंत्रित किया और कार्यक्रम को सफल बनाया।
मंत्री ने यह भी कहा कि वे खुद मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में उस दिन कार्यक्रम में मौजूद थे। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह आदिवासी समाज के कार्यक्रमों में जानबूझकर तनाव और विवाद की स्थिति पैदा कर रही है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो आदिवासी समाज खुद उन राजनीतिक चेहरों को सामाजिक बहिष्कार की राह पर ला देगा।
विवेकाधीन निधि से छात्रों और मरीजों को मिला सहायता चेक
इसी कार्यक्रम के दौरान घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न प्रखंडों के आठ लाभार्थियों के बीच शिक्षा मंत्री ने चार लाख रुपये की राशि का चेक वितरित किया। यह सहायता उनके मंत्रालय के विवेकाधीन निधि से दी गई।
चेक प्राप्त करने वालों में छात्र-छात्राएं हेमा पत्रों, राजेश सोरेन, अमरजीत टुडू, तारा परवीन, मनीष हेंब्रम, मेघ राय बस्के, भावना सोरेन और इलाज के लिए मृगांक रजक शामिल थे। मंत्री ने छात्रों से कहा कि इस राशि का उपयोग वे अपनी पढ़ाई में करें और बीमार व्यक्ति इसका उपयोग बेहतर इलाज में करें।
इस मौके पर प्रखंड अध्यक्ष दुर्गा चरण मुर्मू, विधायक प्रतिनिधि जगदीश भगत, अर्जुन हांसदा, प्रधान सोरेन, वकील हेंब्रम, काजल डॉन, हीरा सिंह समेत कई पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे।
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