Ranchi : झारखंड में राज्य कर्मियों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना को नए स्वरूप में लागू किया जा रहा है, जिससे गंभीर और आपात स्थिति में मरीजों को बड़ी राहत मिलने वाली है। इस योजना के तहत अब गंभीर मरीजों का इलाज बिना प्री-ऑथराइजेशन (अप्रूवल) के इंतजार के तुरंत शुरू किया जा सकेगा।
राज्य की स्वास्थ्य बीमा योजना के लिए एक बार फिर टाटा AIG जनरल इंश्योरेंस का चयन किया गया है। झारखंड राज्य आरोग्य सोसाइटी द्वारा जारी टेंडर में सबसे कम प्रीमियम कोट करने के कारण कंपनी को एक वर्ष के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई है। गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी की मौजूदगी में एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे।
नई व्यवस्था के अनुसार, बीमा कंपनी को देश के चुनिंदा बड़े अस्पतालों को सूचीबद्ध करना अनिवार्य होगा। खास बात यह है कि गंभीर या घायल मरीजों को सूचीबद्ध अस्पतालों में भर्ती होते ही इलाज शुरू कर दिया जाएगा, भले ही बीमा कंपनी से औपचारिक स्वीकृति न मिली हो। हालांकि, ऐसे मामलों में प्री-ऑथराइजेशन की प्रक्रिया अधिकतम पांच घंटे के भीतर पूरी करनी होगी, ताकि इलाज में किसी तरह की देरी न हो।
योजना में आयुष पद्धति को भी शामिल किया गया है, जिसके तहत आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध, होम्योपैथी सहित अन्य पद्धतियों में भी इलाज कराया जा सकेगा। इन सेवाओं का भुगतान सीजीएचएस दर पर किया जाएगा।
बीमा कवर के तहत सामान्य बीमारियों के लिए पांच लाख रुपये और गंभीर बीमारियों के लिए 10 लाख रुपये तक का खर्च कंपनी वहन करेगी। इससे अधिक खर्च होने पर कार्पस फंड से भुगतान किया जाएगा, जबकि 20 लाख रुपये से अधिक की राशि के लिए विशेष समिति की मंजूरी जरूरी होगी।
इसके अलावा मरीजों को भर्ती होने से पहले 15 दिन और डिस्चार्ज के बाद 30 दिन तक के इलाज, जांच, दवा और फॉलोअप का खर्च भी बीमा योजना के तहत कवर किया जाएगा।
सबसे अहम बात यह है कि इन सभी सुविधाओं के बावजूद राज्य कर्मियों को प्रीमियम के रूप में पहले की तरह ही मात्र छह हजार रुपये ही भुगतान करना होगा।
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