
रामगढ़: जिले में संगठित अपराध और रंगदारी पर लगाम कसने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। एसपी मुकेश कुमार लुनायत की रिपोर्ट और अनुशंसा के आधार पर उपायुक्त ऋतुराज की अदालत ने बुधवार को एक बड़ी निरोधात्मक कार्रवाई की। इसके तहत कुख्यात अपराधी रियाज अंसारी को 3 महीने के लिए रामगढ़ जिले की सीमा से निष्कासित (जिला बदर) कर दिया गया है, जबकि तीन अन्य अपराधियों पर कड़ी निगरानी के आदेश जारी किए गए हैं।

24 घंटे के अंदर छोड़ना होगा जिला
झारखंड अपराध नियंत्रण अधिनियम 2002 (सीसीए) के तहत जारी आदेश के अनुसार, तड़ीपार किए गए रियाज अंसारी को नोटिस मिलने के 24 घंटे के भीतर जिले की भौगालिक सीमा से बाहर जाना होगा। इसके अलावा, यदि उसके पास कोई लाइसेंसधारी हथियार है, तो उसे तत्काल प्रभाव से नजदीकी पुलिस स्टेशन में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। निष्कासन की इस अवधि के दौरान वह किसी भी प्रकार का हथियार नहीं रख सकेगा।
जेल से बाहर आते ही शुरू कर दी थी रंगदारी
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, जेल से छूटने के बाद कई अपराधी अपने ठिकाने बदलकर ठेकेदारों, व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों और सीसीएल अधिकारियों को फोन व अन्य माध्यमों से धमका रहे थे। यह गिरोह रंगदारी वसूलने के लिए भय का माहौल बना रहा था, जिस पर अंकुश लगाने के लिए यह कड़ा कदम उठाया गया है।
इन 3 अपराधियों को हर हफ्ते देनी होगी थाने में हाजिरी
जिला प्रशासन ने तीन अन्य बदमाशों पर भी लगाम कसी है। इनमें निशांत सिंह, प्रभात कुमार सिंह उर्फ सिक्कू सिंह एवं गुलशन कुमार सिंह। तीनों को अगले 3 महीनों तक सप्ताह में एक दिन अनिवार्य रूप से संबंधित थाने में उपस्थित होकर अपनी हाजिरी दर्ज करानी होगी। साथ ही, इनके शस्त्र लाइसेंस भी तत्काल निलंबित कर हथियार थाने में जमा कराने का सख्त निर्देश दिया गया है। प्रशासन की इस चौतरफा कार्रवाई से जिले के आपराधिक तत्वों और रंगदारी मांगने वाले गिरोहों में हड़कंप मच गया है।

