RANCHI: राज्य के सबसे बड़े सरकारी हॉस्पिटल रिम्स में बायो मेडिकल वेस्ट को लेकर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। जिसमें बताया गया कि उठाव का काम अब नई कंपनी को सौंप दिया गया है। इस संबंध में रिम्स ने झारखंड हाई कोर्ट में शपथ पत्र के माध्यम से जानकारी दी। सोमवार को सुनवाई के दौरान रिम्स की ओर से कोर्ट को बताया गया कि पुरानी कंपनी का कार्यकाल 31 जनवरी 2026 को समाप्त हो गया और अब यह काम मेसर्स मेडिकेयर एनवायरमेंट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड लोहरदगा कर रही है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ में हुई। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता समावेश देव ने पक्ष रखा।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से अधिवक्ता रिचा संचित ने कोर्ट को बताया कि झारखंड के कई जिलों में बायो मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जा चुके हैं। वहीं अस्पतालों और नर्सिंग होम को क्लीनिकल इस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत रजिस्टर्ड किया जा चुका है। कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद प्रार्थी को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई 16 फरवरी को एक संक्षिप्त नोट प्रस्तुत करें, जिसमें पूर्व आदेश, उसका अनुपालन और सुझाव शामिल हों।
READ ALSO: RANCHI BJP NEWS: भारत के भविष्य को सशक्त बनाने वाला है केंद्रीय बजट, जानें किस नेता ने कह दी ये बात

