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Jamshedpur News : वेज रिवीजन पर टाटा स्टील यूनियन में उठे सवाल, कमेटी मेंबरों ने नेतृत्व से मांगा जवाब

2019 के समझौते की उपलब्धियों और वर्तमान वेज रिवीजन की तुलना को लेकर बहस तेज

by Arvind Shrivastava
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Jamshedpur : टाटा स्टील कर्मचारियों के वेज रिवीजन समझौते का फिटमेंट स्लिप जारी होने के बाद यूनियन के अंदर पिछले और वर्तमान वेज रिवीजन समझौतों की उपलब्धियों को लेकर बहस तेज हो गई है। यूनियन के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में कमेटी मेंबरों ने वर्तमान वेज रिवीजन समझौते की खामियों को लेकर अध्यक्ष से कई सवाल किए हैं।

कमेटी मेंबरों का कहना है कि वर्ष 2019 में हुए वेतन समझौते में टीएसटीएस और टीएसएसएस नाम से दो नई कंपनियां बनाने तथा आउटसोर्स किए गए कार्यों को इनसोर्स करने का उद्देश्य तय किया गया था। इसके तहत टीएमएच में करीब 700 नर्सों को वेंडर व्यवस्था से निकालकर कंपनी से जोड़ना एक प्रमुख उदाहरण माना जा रहा है। हालांकि, सवाल उठाया गया है कि 2023 में ओएस स्ट्रक्चर साइन किए जाने के दौरान इन दोनों कंपनियों में कर्मचारियों की संख्या निर्धारित करते समय 2019 में तय उद्देश्यों को उसी रूप में लागू किया गया या नहीं।

कमेटी मेंबरों ने बोनस समझौते को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पूर्व अध्यक्ष के कार्यकाल में तैयार किए गए समझौते को ही वर्तमान नेतृत्व आगे बढ़ा रहा है। ऐसे में वर्तमान नेतृत्व की अपनी नई उपलब्धि क्या है, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए।

इसी तरह ईपीएस-95 के मामले में पूर्व अध्यक्ष द्वारा यूनियन की ओर से रखे गए पक्ष और अपनाई गई स्थिति का उल्लेख करते हुए सवाल किया गया कि इसकी उपलब्धि का श्रेय वर्तमान नेतृत्व को किस आधार पर दिया जा रहा है।
वर्ष 2019 के ग्रेड में पाइपलाइन में शामिल फेज ट्रेनीज को एमजीबी का लाभ मिलने का मुद्दा भी उठाया गया है। कमेटी मेंबरों ने सवाल किया है कि वर्तमान व्यवस्था में यह लाभ समाप्त क्यों हुआ और इसके लिए जवाबदेही किसकी है।

यूसीएम की संख्या कम किए जाने को लेकर भी वर्तमान नेतृत्व पर सवाल उठाए गए हैं। कमेटी मेंबरों का कहना है कि इससे पहले के किसी कार्यकाल में यूसीएम की संख्या में इस तरह की कमी नहीं हुई थी।
इसके अलावा वर्ष 2019 के ग्रेड में 500 निबंधित कर्मचारी पुत्रों की बहाली के फैसले को लेकर भी सवाल उठाया गया है। कमेटी मेंबरों का कहना है कि वर्तमान नेतृत्व ने इस फैसले का लाभ तो लिया, लेकिन कर्मचारियों को यह स्पष्ट होना चाहिए कि यह निर्णय वास्तव में किसके कार्यकाल में हुआ था।

कमेटी मेंबरों के सवालों का मूल केंद्र यही है कि वर्तमान नेतृत्व के करीब दो कार्यकाल में ऐसी कौन-सी बड़ी उपलब्धियां हासिल हुई हैं, जिन्हें कर्मचारियों के बीच गर्व के साथ गिनाया जा सके और भविष्य में आने वाला यूनियन नेतृत्व भी इन्हें मौजूदा नेतृत्व की उपलब्धि के रूप में याद करे। फिटमेंट स्लिप जारी होने के बाद उठे इन सवालों से टाटा स्टील यूनियन की आंतरिक राजनीति में आने वाले दिनों में बहस और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

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