सेंट्रल डेस्क : अमेरिका से डिपोर्ट किए गए 116 भारतीयों को लेकर शनिवार देर रात यूएस आर्मी का विमान अमृतसर एयरपोर्ट पर लैंड हुआ। इस विमान में वे सभी भारतीय नागरिक थे, जिन्हें अमेरिका में अवैध प्रवासी माना गया था। इन प्रवासियों को अमेरिका से वापस लाकर भारत भेज दिया गया और उनकी वापसी का यह मामला मीडिया में सुर्खियां बन चुका है।
जब्त कर लिए गए थे लोगों के फोन
इनमें से एक व्यक्ति, दलजीत सिंह होशियारपुर जिले के गांव कुराला कलां से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने अपनी यात्रा और अमेरिका में बिताए गए वक्त का दर्दनाक अनुभव साझा किया। दलजीत ने बताया कि उन्हें और अन्य भारतीयों को अपराधियों की तरह डिपोर्ट किया गया था। उनके हाथों में हथकड़ी और पैरों में बेड़ियां डाली गई थीं। इसके अलावा, उनकी गिरफ्तारी के बाद उनका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया था, जिसके कारण वे अपने परिवार वालों से कई दिनों तक संपर्क नहीं कर सके।
अवैध तरीके से अमेरिका पहुंचे थे दलजीत
दलजीत ने स्वीकार किया कि वह अवैध रूप से अमेरिका में घुसे थे, और इसके लिए उन्होंने डंकी रूट (अवैध यात्रा मार्ग) का सहारा लिया था। उनके अनुसार, एक ट्रैवल एजेंट ने उन्हें सीधी उड़ान का वादा किया था, लेकिन बाद में उन्हें अवैध तरीके से यात्रा करनी पड़ी। दलजीत की पत्नी, कमलप्रीत कौर, ने आरोप लगाया कि उनके पति को एजेंट ने धोखा दिया था, और इस कारण उनकी यात्रा में बहुत कठिनाइयाँ आईं।
खराब था अमेरिकी सेना का व्यवहार
अमेरिकी सीमा पर पहुंचने के बाद, दलजीत और अन्य प्रवासी नागरिकों को यूएस आर्मी ने पकड़ लिया और उन पर अत्यधिक दबाव डाला। काफी प्रताड़ित किया गया। बाद में, उन्हें अमेरिकी सैन्य विमान के जरिए भारत वापस भेज दिया गया।
116 भारतीयों की वापसी
शनिवार रात 11:35 बजे, अमेरिकी सैन्य विमान सी-17 ने अमृतसर एयरपोर्ट पर लैंड किया, जिसमें कुल 116 अवैध भारतीय प्रवासियों को वापस भेजा गया था। यह डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा अवैध प्रवासियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का हिस्सा था। इस विमान की लैंडिंग के बाद, इन सभी प्रवासियों की एयरपोर्ट पर कागजी कार्रवाई की गई, और फिर उन्हें पुलिस सुरक्षा में उनके घर भेजा गया।
पुलिस सुरक्षा में घर पहुंचे प्रवासी
अमृतसर एयरपोर्ट पर लैंड किए गए विमान से उतरे सभी प्रवासियों को एयरपोर्ट पर ही कागजी कार्रवाई और पृष्ठभूमि जांच के बाद पुलिस सुरक्षा के तहत उनके घर भेजा गया। पंजाब के प्रवासियों को रविवार सुबह 4:30 बजे पुलिस सुरक्षा में उनके घर भेज दिया गया। वहीं, हरियाणा सरकार ने अपने राज्य के नागरिकों के लिए विशेष परिवहन व्यवस्था बनाई।
157 और भारतीयों के प्रत्यर्पण की तैयारी
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक और विमान भारतीय प्रवासियों को लेकर आ रहा है। यह तीसरा विमान रविवार रात को अमृतसर एयरपोर्ट पर लैंड कर सकता है। इस विमान में कुल 157 भारतीयों को लाया जा रहा है। इनमें से 65 लोग पंजाब से, 33 हरियाणा से, आठ गुजरात से, और शेष उत्तर प्रदेश, गोवा, महाराष्ट्र, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, और जम्मू-कश्मीर से हैं। इनमें ज्यादातर प्रवासी युवा, 18 से 30 वर्ष की उम्र के हैं।
कभी सोचा नहीं था कि हथकड़ी बेड़ी पड़ेगी
इससे पहले 5 फरवरी को भी यूएस से डिपोर्ट किए गए भारतीयों ने मीडिया से अपने अनुभव साझा किए थे। इन प्रवासियों ने बताया कि वे बेहतर जीवन की तलाश में अमेरिका गए थे, लेकिन उन्हें ट्रैवल एजेंटों द्वारा धोखा दिया गया था। कई लोगों के सपने चकनाचूर हो गए थे, और वे अमेरिकी सीमा पर पकड़े जाने के बाद हाथों में हथकड़ी और पैरों में बेड़ियां डालकर भारत वापस भेज दिए गए थे। अमेरिका से डिपोर्ट किए गए भारतीयों की यह कहानी यह दर्शाती है कि अवैध प्रवासियों की यात्रा केवल जोखिम और कठिनाइयों से भरी होती है, और इसके परिणाम स्वरूप उन्हें भारी मानसिक और शारीरिक कष्ट उठाने पड़ते हैं। हालाँकि, इन प्रवासियों का लौटना एक कड़ी सजा जैसा प्रतीत होता है, लेकिन उनके अनुभवों से हम यह सीख सकते हैं कि अवैध मार्गों से किसी भी देश में प्रवेश करना सिर्फ एक अस्थायी समाधान हो सकता है, और इसके पीछे के गंभीर परिणामों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

