स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने हाल ही में अपने रिटायरमेंट को लेकर चल रही अटकलों पर स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने यह साफ कर दिया है कि वह फिलहाल क्रिकेट से संन्यास लेने के बारे में नहीं सोच रहे हैं। उनकी प्रतिस्पर्धी भावना अभी भी मजबूत है और वह खेल का पूरा आनंद ले रहे हैं। कोहली ने चैम्पियंस ट्रॉफी 2025 में शानदार प्रदर्शन किया, जहां उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ शतक और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस अद्वितीय प्रदर्शन के बाद उनकी रिटायरमेंट की चर्चाओं को भी खत्म किया गया है।
कोहली का रिटायरमेंट पर बयान
हालांकि, कोहली के फॉर्म को लेकर कई बार सवाल उठाए गए हैं, खासकर जब उनका प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में कुछ खास नहीं रहा था। लेकिन, चैम्पियंस ट्रॉफी में कोहली ने अपने आलोचकों को शानदार तरीके से जवाब दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह फिलहाल संन्यास लेने के बारे में सोचने की स्थिति में नहीं हैं और खेल के प्रति उनका प्यार और प्रतिस्पर्धा की भावना अब भी कायम है। कप्तान रोहित शर्मा ने भी चैम्पियंस ट्रॉफी जीत के बाद कोहली के बारे में संन्यास की चर्चाओं को खारिज किया था।
कोहली ने यह भी स्वीकार किया कि वह कभी राहुल द्रविड़ से अपने रिटायरमेंट के सही समय पर बात कर चुके हैं। द्रविड़ ने उन्हें सलाह दी थी कि वह अपने जीवन के वर्तमान स्थान को समझें। इस पर कोहली ने संकेत दिया कि उनका 2024-2025 का ऑस्ट्रेलिया दौरा शायद उनका आखिरी दौरा हो सकता है और चार साल बाद वह शायद फिर से ऑस्ट्रेलिया का दौरा न करें।
कोहली ने अपनी बातों में यह भी बताया कि जब वह निराशा के बारे में सोचते हैं, तो वह खुद पर और बोझ डालने लगते हैं। उन्होंने कहा कि यह अनुभव उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में महसूस किया था, जहां उन्होंने पहले टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन बाद में उम्मीदों के मुताबिक सफलता नहीं मिली। कोहली ने स्वीकार किया कि निराशा एक स्वाभाविक हिस्सा है, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार कर आगे बढ़ने का रास्ता चुना। उन्होंने अपने जीवन के हर पहलू को खुले दिल से अपनाया है, चाहे वह निराशाएं हों या असफलताएं।
खेल के प्रति कोहली की प्रतिबद्धता
कोहली ने यह भी कहा कि वह अब भी क्रिकेट खेलने का आनंद ले रहे हैं और जब तक उनके भीतर प्रतिस्पर्धा की भावना और खेल के प्रति प्रेम रहेगा, तब तक वह खेलते रहेंगे। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वह किसी उपलब्धि या रिकॉर्ड के लिए नहीं खेल रहे, बल्कि उनका मुख्य उद्देश्य अपने खेल का आनंद लेना है।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धी भावना आपको संन्यास के सवाल से दूर रखती है। कोहली ने राहुल द्रविड़ से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि द्रविड़ ने मुझसे कहा था कि तुम्हें अपने जीवन में इस वक्त किस जगह पर हो, यह समझना होगा। यह सवाल आसान नहीं है, क्योंकि हो सकता है कि आप एक बुरे दौर से गुजर रहे हों और ऐसा महसूस हो कि खेल खत्म हो गया है, लेकिन ऐसा नहीं होता।
जीवन में संतुलन और ऊर्जा की अहमियत
कोहली ने अपने जीवन के इस पड़ाव को संतुलित और शांतिपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि वह अब अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाना चाहते हैं और यह समझते हैं कि 30 साल के बाद बहुत कुछ बदल जाता है। खेल के प्रति उनका दृष्टिकोण अब थोड़ा अलग है और वह महसूस करते हैं कि यह नैतिक प्रगति का हिस्सा है। कोहली ने यह भी विश्वास जताया कि युवा खिलाड़ी भी इस मुकाम तक पहुंचेंगे और यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है।
उन्होंने कहा कि अब मैं बहुत शांत महसूस करता हूं और अपनी ऊर्जा को सही जगह पर लगाना चाहता हूं। यह सब कुछ संतुलन पर निर्भर करता है और मुझे यकीन है कि मैं सही रास्ते पर हूं।

