314

Chaibasa : पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगांव प्रखंड अंतर्गत पडसा गांव में बुधवार को आदिवासी समाज के लोगों ने एक आपातकालीन विशाल बैठक बुलाई। ‘आदिवासी हो समाज युवा महासभा’ और ‘मानकी-मुंडा कोल्हान पोड़ाहाट’ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सभा का मुख्य विषय आदिवासी एकता, अस्मिता एवं अखंडता था। बैठक में कोल्हान क्षेत्र के विभिन्न गांवों से भारी संख्या में मानकी-मुंडा, ग्राम प्रधान, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा और ग्रामीण एकजुट हुए।
लगातार हो रहे हमलों और धार्मिक स्थल से छेड़छाड़ का आरोप
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि बीते कुछ दिनों से मझगांव क्षेत्र में आदिवासी समुदाय को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
धार्मिक स्थल से छेड़छाड़
वक्ताओं के अनुसार, आदिवासियों के पवित्र धार्मिक स्थल ‘देशाउली’ के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की गई है।
युवकों के साथ मारपीट
इस घटना का विरोध करने पर चार आदिवासी युवकों के साथ गंभीर मारपीट की गई। इन घायल युवकों ने मंच पर आकर अपनी आपबीती सुनाई और प्रशासन से निष्पक्ष जांच तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रशासनिक अधिकारियों से मिला प्रतिनिधिमंडल, मिला आश्वासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए बैठक के बाद समाज का 16 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल जगन्नाथपुर के डीएसपी और मझगांव के सीओ से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों को वस्तुस्थिति से अवगत कराया, जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया।”आदिवासी समाज के साथ हो रही ऐसी हिंसक घटनाएं बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जा सकती। राज्य सरकार और जिला प्रशासन को इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जल्द से जल्द दोषियों को गिरफ्तार करना चाहिए ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और क्षेत्र में शांति-सौहार्द बहाल हो।”
आदिवासी समाज ने अपनी मांगों को पूरा न किए जाने पर उग्र आंदोलन
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद गीता कोड़ा बैठक में सर्वसम्मति से लिए गए कड़े निर्णय पर कहा कि प्रशासन अगर आदिवासी समाज कि मांगों को पूरा न किए जाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित निर्णय लिए गए।
थाना प्रभारी को निलंबित करने की मांग
आक्रोशित ग्रामीणों ने मझगांव थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने और दोषियों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग की है। मांग पूरी न होने पर ‘जिला बंद’ का आह्वान किया जाएगा।
आर्थिक व सामाजिक बहिष्कार
आदिवासी जमीन पर किए गए कथित कब्जों को तुरंत मुक्त कराने की मांग की गई। इसके साथ ही मुस्लिम व्यापारियों से खरीद-बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने और हर आदिवासी गांव के बाहर “नो-एंट्री” का बोर्ड लगाने का फैसला लिया गया।
ग्राम रक्षा दल का गठन
गांवों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए ग्राम स्तर पर विशेष ‘ग्राम रक्षा दल’ गठित किए जाएंगे।
महाबैठक की तैयारी
आगे की रणनीति तय करने के लिए बहुत जल्द जिला स्तर पर एक और विशाल बैठक आयोजित की जाएगी।
दिग्गज नेताओं और हजारों ग्रामीणों की रही मौजूदगी
इस विशाल जनसभा में मानकी-मुंडा संघ के केंद्रीय अध्यक्ष गणेश पाट पिंगुआ, हो समाज युवा महासभा के केंद्रीय अध्यक्ष ईपिल सामड, पूर्व अध्यक्ष भूषण पाट पिंगुआ, दुखनी सोरेन, गब्बर सिंह हेंब्रम, प्रदीप बिरुवा और रितेश तमसोय सहित कई प्रमुख सामाजिक नेताओं ने अपने विचार रखे। बैठक में राजनगर, सरायकेला, चाईबासा, कुमारडुंगी, मंझारी, तांतनगर, झींकपानी, हटगामरिया और जगन्नाथपुर समेत कोल्हान के कोने-कोने से हजारों की संख्या में लोग अपनी आवाज बुलंद करने पहुंचे। आयोजकों ने स्पष्ट संदेश दिया कि आदिवासी समाज अपनी जमीन, हक और अस्मिता की रक्षा के लिए पूरी तरह एकजुट है।

