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विकसित भारत संकल्प यात्रा’ में बोले पीएम मोदी- भारत में केवल चार जातियां, पढ़े कार्यक्रम की प्रमुख बातें

by Rakesh Pandey
भारत में केवल चार जातियां
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पॉलिटिकल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ के लाभार्थियों से वर्चुअली बातचीत की। पीएम मोदी ने कार्यक्रम के दौरान महिला किसान ड्रोन केंद्र का भी शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री ने देश में जाति जनगणना की मांग कर रहे कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों पर पलटवार करते हुए कहा है कि उनके लिए सबसे बड़ी जाति गरीब, युवा, महिलाएं और किसान हैं और इन चार जातियों का उत्थान ही भारत को विकसित बनाएगा। पीएम ने कहा कि अच्छी दवाई और सस्ती दवाई ये बहुत बड़ी सेवा है। उन्होंने कहा जितने लोग मुझे सुन रहे हैं, उनसे मेरा आग्रह है कि जनऔषधि केंद्र के बारे में लोगों को बताइए।

भारत में केवल चार जातियां

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘विकसित भारत’ का संकल्प नारी, युवा, किसान और गरीब के चार ‘अमृत स्तंभों’ पर टिका है और यही चार उनके लिए सबसे बड़ी जातियां हैं, जिनका उत्थान ही भारत को विकसित बनाएगा। उन्होंने कहा मेरे लिए सबसे बड़ी जाति है-गरीब। मेरे लिए सबसे बड़ी जाति है- युवा। मेरे लिए सबसे बड़ी जाति है- महिलाएं। मेरे लिए सबसे बड़ी जाति है- किसान। उन्होंने यह भी कहा कि ये चारों जातियां जब सारी समस्याओं से मुक्त होंगी और सशक्त होंगी तो स्वाभाविक रूप से देश की हर जाति सशक्त होगी, पूरा देश सशक्त होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अगर ये चार जातियां बच जाएंगी, तो देश का विकास होगा। मैं जिस संकल्प यात्रा को लेकर जा रहा हूं, उसका एक ही उद्देश्य है। मैं सरकारी योजनाओं से लाभान्वित हुए लाभार्थियों की प्रतिक्रिया सुनना चाहता हूं।

उनकी सरकार पर जनता का अपार विश्वास
प्रधानमंत्री ने यह दावा भी किया कि 10 साल तक उनके काम को देखने के बाद लोगों को उनकी सरकार पर अपार विश्वास है। उन्होंने पिछली सरकारों पर खुद को नागरिकों का ‘माई-बाप’ मानने और वोट बैंक को ध्यान में रखकर काम करने का आरोप भी लगाया। जाति को लेकर प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब आगामी लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी दल जाति आधारित जनगणना को मुद्दा बनाने की लगातार कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक देश की चारों जातियों को मैं सभी समस्याओं से उबार नहीं देता हूं, तब तक मैं चैन से बैठने वाला नहीं हूं। बस आप मुझे आशीर्वाद दीजिए। जब ये चारों जाति सशक्त होंगी, तो निश्चित तौर पर देश की सभी जातियां सशक्त होंगी।

‘नमो ड्रोन दीदी’ कार्यक्रम की घोषणा
पीएम मोदी ने कहा, “मैंने लाल किले से देश की ग्रामीण बहनों को ‘ड्रोन दीदी’ बनाने की घोषणा की थी। और मैंने देखा कि इतने कम समय में गांव की हजारों बहनों ने ड्रोन चलाना सीख लिया है। मेरे लिए तो ये ड्रोन दीदी को नमन करने का कार्यक्रम है। इसलिए मैं इस कार्यक्रम को नाम देता हूं ‘नमो ड्रोन दीदी’। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके नेतृत्व वाली सरकार ने निराशा की स्थिति को बदला है। आज देश में जो सरकार है, वह जनता को जनार्दन मानने वाली सरकार है और हम भेदभाव से नहीं, बल्कि सेवा भाव से काम करते हैं। उन्होंने कहा, ‘सरकार, नागरिकों की जरूरत की पहचान करे और उन्हें उनका हक दे। यही तो स्वाभाविक और सच्चा सामाजिक न्याय है।’

अब तक 12 हजार से ज्यादा पंचायतों तक पहुंची ‘मोदी की गारंटी वाली गाड़ी’
‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “विकसित भारत संकल्प यात्रा के 15 दिन पूरे हो रहे हैं। हमने इस गाड़ी का नाम रखा था ‘विकास रथ’, लेकिन इन 15 दिनों में लोगों ने इसका नाम बदल कर ‘मोदी की गारंटी वाली गाड़ी’ रख दिया है। उन्हें ये जानकर अच्छा लगा कि आपको मोदी पर इतना विश्वास है और वह विश्वास दिलाते हैं कि लोगों को दी हुई सभी गारंटियों को वह पूरा करेंगे। अब तक 12 हजार से ज्यादा पंचायतों तक मोदी की गारंटी वाली यह गाड़ी पहुंच चुकी है और 30 लाख के लगभग लोग इसका फायदा उठा चुके हैं। सभी लोग अपने गांव की कहानी सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहे हैं।

पिछली सरकारें भी हर काम में अपनी राजनीति देखती थीं : पीएम
पीएम मोदी ने आगे कहा, ”भारत सरकार और उनके लिए किए गए काम पर देशवासी भरोसा करते हैं। हमारी सरकार ने पिछली सरकारों और लोगों के बीच जो विश्वास की कमी थी, उसे पाट दिया है। हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता लोगों की भलाई है। हम यहां लोगों की सेवा करने के लिए हैं, उन पर शासन करने के लिए नहीं। पीएम मोदी ने पुरानी सरकारों को याद करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के लोगों ने बार-बार देखा, जब पहले सरकार खुद को जनता का माई बाप समझती थी। विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘‘उस समय की सरकारें भी हर काम में अपनी राजनीति देखती थीं। उन्हें चुनाव और वोट बैंक नजर आता था। वे यही खेल खेलते थे। उस गांव में जाएंगे, जहां से वोट मिलने वाले हैं। दूसरे मोहल्ले को छोड़ देंगे। ऐसा भेदभाव इनका स्वभाव बन गया था।’’

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