भोपाल: CM Mohan Yadav ने पदभार ग्रहण के बाद पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अपने पहली कैबिनेट बैठक के निर्णयों की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने खुले में मांस विक्रय पर कड़ाई बरतने की कही। इसके साथ ही राज्य के हर जिले में युवाओं के लिए एक्सीलेंस कॉलेज बनाने की भी जानकारी दी।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने पदभार ग्रहण करते ही पहले राजनीतिक नियुक्ति वरिष्ठ नेता रामकृष्ण कुसुमरिया को पिछड़ा वर्ग आयोग का अध्यक्ष बनाए जाने के आदेश पर हस्ताक्षर किए।
धार्मिक स्थलों पर लगे अवैध लाउडस्पीकरों को हटाया जाएगा: CM Mohan Yadav
CM Mohan Yadav का जो एक फैसला सबसे चर्चा के केंद्र में है वह है धार्मिक स्थलों पर लगे अवैध लाउडस्पीकर को हटाने का आदेश। बता दें कि अब धार्मिक स्थल एवं अन्य स्थानों पर लाउडस्पीकर व डीजे को अवैधानिक रूप से और निर्धारित मापदण्ड से अधिक आवाज में बजाने पर प्रतिबंध लगाये जाने की बात कही गई है।

क्योंकि मध्य प्रदेश में धार्मिक स्थल एवं अन्य स्थानों पर मध्य प्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 के प्रावधानों तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय, माननीय उच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर जारी दिशा निर्देशों के अनुकम में राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि किसी भी प्रकार के धार्मिक स्थल अथवा अन्य स्थान में निर्धारित मापदण्ड के अनुरूप ही लाउडस्पीकर व डीजे आदि का उपयोग किया जा सकेगा।
मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने धार्मिक स्थलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लाउडस्पीकर के अनियंत्रित उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी खुले में मांस की बिक्री पर रोक लगाने के भी निर्देश दिए हैं। pic.twitter.com/XmAz78qzrI
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 13, 2023
उड़नदस्ते का किया गया गठन
राज्य शासन द्वारा ध्वनि प्रदूषण तथा लाउडस्पीकर आदि के अवैधानिक उपयोग की जांच के लिये सभी जिलों में उड़नदस्तों के गठन का निर्णय लिया गया है। उडनदस्तें नियमित और आकस्मिक रूप से धार्मिक और सार्वजनिक स्थानों जहां ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग होता है, उसका निरीक्षण कर सकेगें तथा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में अधिकतम 3 दिन में समुचित जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगें।
धर्मगुरूओं से करे संवाद
हालांकि शासन पहले इन लाउडस्पीकरों को हटाने के लिए धर्मगुरूओं से संवाद व समन्वय स्थापित करेगा इसके बाद लाउडस्पीकरों को हटाने का प्रयास किया जायेगा तथा ऐसे धार्मिक स्थलों की सूची बनाई जायेगी, जहां उक्त नियमों निर्देशों का अनुपालन नहीं हो रहा है तथा इसकी जिला स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा की जाएगी। इसके लिए 31 दिसंबर तक पालन प्रतिवेदन गृह विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये है। ध्वनि प्रदूषण के मामलों की सतत निगरानी के लिये अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अपराध अनुसंधान विभाग पुलिस मुख्यालय को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है|
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