आनंद मिश्र,जमशेदपुर/Security Personnel Removed: बेटियों की शिक्षा के लिए स्थापित झारखंड के पहले महिला विश्वविद्यालय जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी में व्यवस्था पटरी से उतरती दिख रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन से अलग ठेकेदारों के सुपरवाइजर और कर्मचारी अब खुलकर मनमर्जी कर रहे हैं।
आलम यह है कि विश्वविद्यालय की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मी छात्राओं की मदद करने की बजाय विश्वविद्यालय में आने वाले आम लोगों से उलझने लगे हैं। ठीक एक दिन पहले गुरुवार को विश्वविद्यालय के सिदगोड़ा स्थित कैंपस के मेन गेट पर बेसुध होकर गिरी छात्रा की मदद को कोई आगे नहीं आया। इस संबंध में ‘द फोटोन न्यूज’ में खबर प्रकाशित होने के बाद कार्रवाई की गई। सिक्योरिटी एजेंसी ने इस मामले में तीन सुरक्षाकर्मियों को हटा दिया।
इसके विरोध में शुक्रवार को सिक्योरिटी एजेंसी के कर्मचारियों ने खबर लिखने वाले पत्रकार को घेर लिया। अपने समर्थन में वह विश्वविद्यालय में दूसरे काम का जिम्मा देने वाली एजेंसी के कर्मचारी और सुपरवाइजर को भी ले आए। मामले की जानकारी मिलने पर कुलसचिव बीच बचाव में उतरे। कर्मचारियों को तलब कर कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी व्यक्ति के साथ अमर्यादित आचरण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
घटना के दूसरे दिन कुलपति डॉ. अंजिला गुप्ता ने पूरे प्रकरण पर अपनी सफाई देते हुए कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं थी। कुलपति ने कहा कि वे इस मामले में पूछताछ करेंगी। इस दौरान यह भी पता चला कि यूनिवर्सिटी परिसर में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था नहीं है। गाइडलाइन के अनुसार विश्वविद्यालय से लेकर कॉलेज तक में प्राथमिक उपचार केंद्र की व्यवस्था होना अनिवार्य है।
वहां एक चिकित्सक, नर्स एवं स्ट्रेचर आदि की भी व्यवस्था होनी चाहिए। जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी अब तक यह इंतजाम नहीं किए गए हैं। कुलपति ने कहा कि अभी प्राथमिक उपचार केंद्र की व्यवस्था संभव नहीं हो पा रही है। हालांकि पूर्व में जब यह विश्वविद्यालय कॉलेज हुआ करता था, तो कॉलेज के वेलनेस मैनेजमेंट सेंटर में प्राथमिक उपचार केंद्र की व्यवस्था हुआ करती थी। वहां एक डॉक्टर और नर्स भी समय-समय पर आया करते थे।
Security Personnel Removed: कुछ ऐसा था मामला
बता दें कि पिछले गुरुवार को यूनिवर्सिटी के मेन गेट पर एक छात्रा बेसुध होकर गिर गई थी। चिलचिलाती धूप में गेट पर ही वह छटपटा रही थी। उसे देख राहगीर वहां जमा हो गए। गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों से मदद के लिए आगे आने को कहते रहे।
बावजूद सुरक्षाकर्मी तमाशबीन बने रहे। राहगीरों की मदद से छात्रा को थोड़ी सामान्य स्थिति में लाया गया। तब सुरक्षा कर्मियों ने यूनिवर्सिटी के अंदर तैनात महिला सुरक्षाकर्मियों को बुलाया। छात्रा के पिता और महिला सुरक्षाकर्मियों की सहायता से छात्रा को यूनिवर्सिटी के रिसेप्शन हॉल में ले जाया गया।
Security Personnel Removed: ‘द फोटोन न्यूज’ करेगा विश्वविद्यालय में बने ठेका सिंडिकेट का खुलासा, आरटीआइ कर रहे दाखिल
छात्राओं की सुरक्षा और प्राथमिक चिकित्सा में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से बरती जा रही लापरवाही के पीछे के पूरे खेल का खुलास करने के लिए ‘द फोटोन न्यूज’ की ओर से सूचना के अधिकार का इस्तेमाल किया जाएगा। लगातार ऐसी शिकायतें आ रही हैं कि विश्वविद्यालय में ठेका सिंडिकेट चल रहा है।
इसमें विश्वविद्यालय के तमाम कार्य अलग-अलग ठेका कंपनियों को बांट कर कुछ उच्च पदस्थ लोग मोटी कमाई कर रहे हैं। इसकी पड़ताल करने के लिए बकायदा अभियान चलाकर इस उच्च शिक्षण संस्थान की व्यवस्था को पारदर्शी और छात्राओं के लिए हितकर बनाने की मुहिम ‘द फोटोन न्यूज’ शुरु कर रहा है। हमारी अपेक्षा है कि विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर अगर आपके पास भी कोई तथ्यपरक जानकारी है तो कृपया हमें इस बारे में जरूर सूचित करें।
कोट
हम इस पूरे मामले में कार्रवाई कर रहे हैं। किसी भी ठेका कर्मी को किसी भी व्यक्ति से अमर्यादित आचरण करने की छूट नहीं दी जाएगी।
राजेंद्र जायसवाल, कुलसचिव, जमशेदपुर वीमेंस यूनिवर्सिटी
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