नई दिल्ली : Kolkata Doctor Rape-Murder : कोलकाता डॉक्टर रेप-मर्डर केस के विरोध में डॉक्टरों की 24 घंटे की राष्ट्रव्यापी हड़ताल आज यानी शनिवार 17 अगस्त से शुरू हो गई है। इस हड़ताल का आह्वान भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) की ओर से किया गया है। आईएमए का कहना है कि हड़ताल के दौरान कोई नियमित ओपीडी, वैकल्पिक सर्जरी नहीं होगी। इसके साथ ही 24 घंटे तक चलने वाले विरोध-प्रदर्शन के दौरान सभी आवश्यक सेवाएं जारी रहेंगी और घायलों की देखभाल की जाएगी।
वहीं शुक्रवार को देश के कई हिस्सों में इस घटना के विरोध में कैंडल मार्च भी निकाला गया था। आरोपियों के खिलाफ शिकंजा कसते हुए सीबीआई ने अपनी जांच भी तेज कर दी है। कोलकाता के आरजी (राधा गोविंद) कर अस्पताल के 5 डॉक्टरों को पूछताछ के लिए तलब किया गया है। इससे पहले जांच एजेंसी ने पीड़ित परिवार से भी बातचीत की थी। वहीं मेडिकल कॉलेज तोड़फोड़ मामले में 25 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
Kolkata Doctor Rape-Murder : आईएमए ने सभी डॉक्टरों को सुरक्षा देने की रखी मांग
आईएमए ने इस घटना को लेकर डॉक्टरों के 24 घंटे के हड़ताल पर जाने की घोषणा के साथ ही पांच मांगें भी रखी हैं। वहीं इनमें प्रमुख रूप से रेजिडेंट डॉक्टरों के काम करने और रहने की स्थिति में व्यापक बदलाव और कार्यस्थलों पर स्वास्थ्य पेशेवरों के खिलाफ हिंसा की जांच के लिए एक केंद्रीय कानून बनाने की मांग शामिल है।
Kolkata Doctor Rape-Murder : ममता बनर्जी सरकार की विफलता
इन सबके बीच इस मामले को लेकर पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर भी हमले तेज हो गए हैं। ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार की विफलता बताया है। इसके अलावा बीजेपी भी लगातार ममता बनर्जी सरकार पर सवाल उठा रही है।
वहीं दूसरी ओर कोलकाता पुलिस एक बार फिर से सवालों में है। यहां के डॉक्टरों ने आरजी कर अस्पताल में प्रदर्शन के दौरान उन पर हुए हमले और तोड़फोड़ की धीमी जांच का आरोप लगाया है। दरअसल 14 अगस्त को आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों पर हिंसक हमले हुए थे।
वहीं बता दें कि इस घटना के विरोध में तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में शुक्रवार यानी 16 अगस्त को सैकड़ों डॉक्टरों ने मोमबत्ती जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। वहीं एम्स ऋषिकेश के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने भी विरोध में मार्च निकाला। इस घटना को लेकर इंदौर के डॉक्टरों में भी गुस्सा दिखा। यहां भी डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने शुक्रवार रात 16 अगस्त को कैंडल मार्च निकाला। इसके साथ ही देश के सभी राज्यों में इस तरह के विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं।

