नई दिल्ली : पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय बांगर (बांगड़) के बेटे आर्यन बांगर ने हाल ही में एक अहम कदम उठा लिया, जिसने सोशल मीडिया पर सनसनी मचा दी है। आर्यन, जो खुद भी क्रिकेट खेलते हैं, उन्होंने हाल ही में हार्मोनल सर्जरी कराकर अपना जेंडर बदलवाया और अपनी पहचान के बारे में खुलासा किया। सर्जरी के बाद उन्होंने अपना नाम बदलकर ‘अनाया’ रख लिया है। इस बदलाव से अनाया ने अपने जीवन के इस महत्वपूर्ण हिस्से को शेयर करने के लिए इंस्टाग्राम पर एक रील वीडियो भी पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने अपने आत्म-खोज के सफर के बारे में बताया है।
जेंडर ट्रांजिशन के बाद अनाया बनीं
अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में अनाया ने लिखा, ‘पेशेवर क्रिकेट खेलने का सपना हमेशा से मेरे लिए त्याग, मेहनत और समर्पण का प्रतीक रहा है। मैदान पर हर दिन अपनी पूरी ताकत के साथ खेलना और दूसरों की आलोचनाओं का सामना करना आसान नहीं था, लेकिन इन सभी मुश्किलों के बावजूद, खेल को अपने जीवन का हिस्सा बनाना मेरे लिए एक गर्व की बात है’।
लेकिन क्रिकेट के अलावा, उन्होंने अपनी एक व्यक्तिगत यात्रा की भी शुरुआत की थी, जेंडर ट्रांजिशन की यात्रा। अनाया ने कहा कि इस यात्रा में उन्हें अपने सच्चे स्व को अपनाने और अपनी पहचान के प्रति ईमानदार रहने के लिए कई कठिन निर्णय लेने पड़े। उन्होंने यह भी बताया कि यह रास्ता आसान नहीं था, लेकिन अंततः अपनी असली पहचान को अपनाना सबसे बड़ी जीत साबित हुआ।
पोस्ट के अंत में अनाया ने लिखा, ‘आज मुझे गर्व है कि मैं न केवल एक एथलीट के रूप में, बल्कि अपने सच्चे स्व के रूप में भी अपने पसंदीदा खेल का हिस्सा हूं। यह सफर कठिन था, लेकिन अपने असली रूप को पाना मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि रही’।
इंग्लैंड में क्रिकेट खेल रही हैं अनाया
मूल रूप से भारत के क्रिकेट प्रेमी परिवार से ताल्लुक रखने वाली अनाया, इस समय इंग्लैंड में मैनचेस्टर के एक काउंटी क्लब के लिए क्रिकेट खेल रही हैं। हालांकि उन्होंने अभी तक क्लब का नाम सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन उनके इंस्टाग्राम वीडियो में एक मैच की क्लिप दिखाई दी है, जिसमें उन्होंने 145 रन बनाए थे। इस उपलब्धि ने उनके क्रिकेट कॅरियर को एक नई दिशा दी है और उन्हें क्रिकेट समुदाय में एक नई पहचान दिलाई है।
संजय बांगर : एक नामी क्रिकेट कोच
अनाया के पिता, संजय बांगर, भारतीय क्रिकेट के एक सम्मानित नाम हैं। संजय बांगर ने भारतीय क्रिकेट टीम के बैटिंग कोच के रूप में 2014 से 2018 तक अपनी सेवाएं दी थीं। उनके कार्यकाल में भारतीय क्रिकेट टीम ने कई अहम मुकाबलों में सफलता हासिल की। संजय बांगर ने 12 टेस्ट और 15 वनडे मैचों में भारतीय टीम के लिए खेला और बाद में कोचिंग की दुनिया में अपनी पहचान बनाई।
इसके अलावा, संजय बांगर आईपीएल में भी सक्रिय रहे हैं। उन्होंने 2022 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के मुख्य कोच के रूप में काम किया और 2023 में पंजाब किंग्स के साथ क्रिकेट डेवलपमेंट के प्रमुख के रूप में अपनी भूमिका निभाई।
जेंडर ट्रांजिशन : एक साहसिक कदम
अनाया का जेंडर ट्रांजिशन न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन का एक बड़ा मोड़ है, बल्कि यह समाज में समानता और स्वीकृति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। इस निर्णय ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया कि व्यक्तित्व और पहचान की यात्रा कितनी व्यक्तिगत और साहसिक हो सकती है। अनाया का उदाहरण यह दिखाता है कि किसी भी इंसान को अपने असली रूप को अपनाने का अधिकार है, और यह यात्रा जितनी चुनौतीपूर्ण हो सकती है, उतनी ही मुक्तिदायक भी हो सकती है।
उनकी यात्रा से प्रेरित होकर, कई लोग अपनी पहचान और आत्म-सम्मान के लिए संघर्ष करने के लिए उत्साहित हो सकते हैं। इस तरह की पहल से समाज में अधिक जागरूकता और सहानुभूति का प्रसार होगा, जो लोगों को उनकी वास्तविक पहचान को स्वीकारने और व्यक्त करने में मदद कर सकता है।
अनाया के इस साहसिक कदम ने न केवल खेल की दुनिया, बल्कि समग्र समाज को एक नया दृष्टिकोण दिया है। संजय बांगर के परिवार का यह परिवर्तन न केवल क्रिकेट समुदाय के लिए, बल्कि उन सभी के लिए एक प्रेरणा है जो अपनी असली पहचान की तलाश में हैं। उनके कदम से यह साबित होता है कि खुद को सही मायने में पहचानना और अपनाना किसी भी खेल से कहीं बढ़कर है।
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