मुजफ्फरपुर : दिल्ली से समस्तीपुर की ओर जा रही एक स्पेशल ट्रेन में रविवार को एक महिला ने यात्रा के दौरान स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। यह घटना उस समय हुई जब ट्रेन मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंची और महिला को तत्काल अस्पताल भेजने के लिए रेलवे अधिकारियों ने उसे सुरक्षा के साथ उतारा। महिला और नवजात दोनों की हालत फिलहाल स्थिर है और डॉक्टरों ने दोनों को स्वस्थ बताया है।
घटना की पूरी जानकारी:
आनंद विहार जयनगर स्पेशल ट्रेन के S-15 कोच के बर्थ नंबर 41 पर यात्रा कर रही 20 वर्षीय रोशनी देवी को अचानक लेबर पेन (प्रसव पीड़ा) महसूस होने लगी। इस स्थिति में तत्काल ट्रेन के यात्रियों ने रेलवे कर्मियों को सूचित किया। जब ट्रेन मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-1 पर पहुंची तो स्टेशन पर तैनात उपनिरीक्षक महेंद्र कुमार, महिला आरक्षी अरुण कुमारी, रेलवे के डॉक्टर शालिग्राम चौधरी और स्टेशन के टीटी ने महिला यात्री की स्थिति की जांच की। जांच में पता चला कि रोशनी देवी को रास्ते में ही प्रसव हुआ था और उसने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।
रेलवे कर्मचारियों की तत्परता
महिला द्वारा स्वस्थ बच्चे को जन्म देने के बाद रेलवे के डॉक्टरों ने तुरंत उसका उपचार किया और फिर उसे एंबुलेंस द्वारा सदर अस्पताल भेज दिया। अस्पताल में दोनों का इलाज जारी है और डॉक्टरों के मुताबिक मां और बच्चा दोनों की स्थिति पूरी तरह से ठीक है। रोशनी देवी के साथ उसके पति राहुल कुमार भी यात्रा कर रहे थे, जो समस्तीपुर जिले के वारिसनगर थाना क्षेत्र के महद्दीपुर गांव के निवासी हैं।
रेल मंत्री का बयान
रेलवे मंत्रालय और रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस घटना पर खुशी जताई है। उन्होंने रेलवे द्वारा किए गए प्रयासों को सराहा और इस घटना से संबंधित पोस्ट को लाइक करके अपनी संतुष्टि और खुशी का इजहार किया। रेल मंत्री ने कहा कि यह घटना दिखाती है कि रेलवे के कर्मचारी कितनी तत्परता से काम करते हैं, खासकर आपातकालीन स्थिति में।
जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ
डॉक्टरों ने बताया कि महिला ने प्रसव के दौरान काफी सहयोग किया, जिससे प्रसव प्रक्रिया आसानी से पूरी हो पाई। अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद दोनों की हालत पर पूरी निगरानी रखी जा रही है। अब तक दोनों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। महिला, जिनका नाम मीना कुमारी है, ने प्रसव के बाद बताया कि वह थोड़ी घबराई हुई थी, लेकिन जैसे ही डॉक्टर आ गए, सब कुछ नियंत्रण में आ गया और अब वह बेहद खुश है।
यह घटना न केवल एक जज्बे की मिसाल है, बल्कि यह यह भी दिखाती है कि कैसे रेलवे के कर्मचारियों और अधिकारियों ने आपातकालीन स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया दी और महिला को और उसके नवजात शिशु को सही समय पर इलाज मुहैया कराया। यह घटना रेलवे की तत्परता और यात्रियों के प्रति संवेदनशीलता को उजागर करती है, जो किसी भी अनहोनी से निपटने में हमेशा तत्पर रहते हैं।

