Home » Jharkhand Weather : झारखंड में आज लू का कहर, 24 अप्रैल से बारिश और वज्रपात का येलो अलर्ट

Jharkhand Weather : झारखंड में आज लू का कहर, 24 अप्रैल से बारिश और वज्रपात का येलो अलर्ट

by Rakesh Pandey
Jharkhand Weather
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

रांची : झारखंड में मौसम का रुख फिलहाल बेहद गर्म और शुष्क बना हुआ है। अप्रैल के अंतिम सप्ताह में प्रवेश के साथ ही राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान तेजी से बढ़ा है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। आज पूरे राज्य में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है और कहीं भी वर्षा की संभावना नहीं जताई गई है। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं ने हालात को और गंभीर बना दिया है।

इन जिलों में 43 डिग्री के पार तापमान

मौसम के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार पलामू, गढ़वा और पूर्वी सिंहभूम जिलों में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है। इन क्षेत्रों में लू जैसी स्थिति बनने की आशंका है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं। वहीं, राजधानी रांची में भी तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जो सामान्य से अधिक है।

राज्य के अन्य हिस्सों में भी तापमान में वृद्धि दर्ज की जा रही है, जिससे दोपहर के समय बाहर निकलना चुनौतीपूर्ण हो गया है। मौसम विभाग ने भले ही 22 अप्रैल के लिए कोई औपचारिक चेतावनी जारी नहीं की है, लेकिन तेज धूप और गर्म हवाओं से बचाव की सलाह दी गई है।

कल तक शुष्क रहेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार 23 अप्रैल तक झारखंड में मौसम की स्थिति में कोई खास बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। इस दौरान पूरे राज्य में शुष्क और गर्म मौसम बना रहेगा। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाएं जारी रहेंगी, जबकि रात के समय भी तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है।

परसों से बदलेगा मौसम का मिजाज

परसों से झारखंड में मौसम में महत्वपूर्ण बदलाव की संभावना जताई गई है। इस दिन से राज्य के कई जिलों में वर्षा और आंधी-तूफान की गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। मौसम विभाग ने 24 और 25 अप्रैल के लिए पश्चिम सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, खूंटी, रांची, सरायकेला, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, जामताड़ा, देवघर, दुमका, पाकुड़, लोहरदगा, गुमला, गिरिडीह, सिमडेगा, गोड्डा और साहिबगंज जिलों में वर्षा की संभावना व्यक्त की है।

तेज हवा और वज्रपात का खतरा

मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। साथ ही वज्रपात की घटनाएं भी हो सकती हैं, जिससे सतर्क रहने की आवश्यकता है। ग्रामीण और खुले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

Read Also- KU: शिक्षक ओएमआर सीट में प्रश्न संख्या के आधार पर नहीं दर्ज कर रहे मार्क्स, मूल्यांकन से बाहर करने की चेतावनी

Related Articles

Leave a Comment