रांची: हटिया रेलवे स्टेशन के पास रेलवे की जमीन पर वर्षों से चल रहे अवैध निर्माण को शनिवार को ध्वस्त कर दिया गया। यह जमीन 60 से 70 साल से कब्जे में थी, जहां स्थायी दुकानें और अस्थायी मकान बनाए गए थे। रेलवे प्रशासन ने इस कार्रवाई के लिए पहले नोटिस जारी किया था, जिसके बाद शनिवार सुबह से बुलडोजर अभियान शुरू किया गया।
32 दुकानों और 100 मकानों पर गिरी गाज
रेलवे की इस बड़ी कार्रवाई के तहत 32 स्थायी दुकानों और 100 से अधिक अस्थायी घरों को तोड़ा गया। बिरसा चौक पर बन रहे नए रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण के लिए यह जमीन खाली कराई जा रही है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि पुराने ओवरब्रिज की तुलना में नया ओवरब्रिज बड़ा और अधिक प्रभावी होगा, लेकिन अवैध कब्जे इसके निर्माण में बाधा बन रहे थे।
सुबह से शाम तक चला अभियान
कार्रवाई सुबह 11 बजे शुरू हुई और शाम 6 बजे तक चली। अभियान के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल और मजिस्ट्रेट तैनात थे। रेलवे की इस कार्रवाई से हटिया स्टेशन रोड से एचईसी चेक पोस्ट तक ट्रैफिक बाधित हुआ। हालांकि, ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वैकल्पिक व्यवस्था की थी।
अतिक्रमण हटाने से पहले दी गई थी चेतावनी
शुक्रवार को रेलवे ने माइकिंग कर लोगों को अपने घर और दुकानों को खाली करने के लिए कहा था। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित लोगों को पर्याप्त समय दिया गया था। इसके बावजूद कई लोगों ने कार्रवाई के लिए अतिरिक्त समय की मांग की।
स्थानीय निवासियों में आक्रोश
कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानीय निवासियों ने विरोध जताया। एक दुकानदार ने बताया कि उनकी दुकान का मालिक मौजूद नहीं था, लेकिन दुकान को तोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि इस दौरान दुकान में रखा सामान, जैसे फ्रीज और अन्य सामग्री, पूरी तरह नष्ट हो गई। कई लोग कार्रवाई से पहले अपने घर और दुकानें खाली करने में जुटे दिखे।
रेलवे का रुख सख्त, अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी रहेगा
रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल शुरुआत है। रेलवे की जमीन पर बने अन्य अवैध निर्माणों पर भी जल्द कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि रेलवे की संपत्ति पर कब्जा करना गैरकानूनी है, और इस तरह के अतिक्रमण को हटाने में कोई रियायत नहीं दी जाएगी।
अवैध निर्माण के कारण रुका था विकास कार्य
बिरसा चौक पर बन रहे नए आरओबी का निर्माण लंबे समय से अटका हुआ था। रेलवे के अनुसार, अवैध कब्जों के चलते परियोजना की प्रगति बाधित हो रही थी। अब जमीन खाली होने के बाद पुल निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जाएगा।

