पलामू : झारखंड के पलामू जिले में 2208 टीबी रोगियों को पोषण आहार मुहैया कराने के लिए एक अनूठा कदम उठाया गया है। सरकारी फंड की कमी के कारण अब यक्ष्मा पदाधिकारी भिक्षाटन करने का निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत प्रमुख स्थानों पर डोनेशन बॉक्स रखे जाएंगे, ताकि लोगों से आर्थिक सहायता जुटाई जा सके और टीबी रोगियों के लिए आवश्यक पोषण आहार प्राप्त किया जा सके।
टीबी के प्रसार को कम करने और रोगियों को सही पोषण देकर उन्हें ठीक करने का यह प्रयास जिले में टीबी मुक्त बनाने के लिए किया जा रहा है।
यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. अनिल श्रीवास्तव ने साझा की जानकारी
टीबी रोगियों के पोषण आहार की समस्या पर प्रकाश डालते हुए जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. अनिल श्रीवास्तव ने शनिवार को डालटनगंज में पत्रकारों से कहा कि पलामू जिले में 2208 टीबी रोगी ऐसे हैं जिन्हें पोषण आहार नहीं मिल पा रहा है। उनके पास इस कार्य के लिए आवश्यक फंड भी उपलब्ध नहीं है। इसलिए अब इस स्थिति से निपटने के लिए भिक्षाटन करने का निर्णय लिया गया है।
डॉ. श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि पलामू जिले में अब तक 36,735 जांचों के मुकाबले 41,281 जांचें की गई हैं, जो कि 112 प्रतिशत हैं। जिले में टीबी से ठीक होने की दर 92 प्रतिशत है, हालांकि आठ प्रतिशत रोगी इलाज के प्रति लापरवाह होते हैं, जिसके परिणामस्वरूप उनकी स्थिति बिगड़ सकती है।
जागरूकता और टीबी के लक्षणों पर ध्यान देने की अपील
डॉ. श्रीवास्तव ने आगे कहा कि टीबी रोगियों की संख्या में कमी आई है, क्योंकि जागरूकता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। टीबी के सामान्य लक्षण जैसे कि दो सप्ताह तक बुखार, खांसी, शाम को बुखार का बढ़ना और इम्यूनिटी का कमजोर होना होते हैं। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति में यह लक्षण दिखाई दें तो उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर अपनी बलगम की जांच करानी चाहिए।
इसके अलावा, डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि टीबी रोगियों को 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। इस मौके पर डॉ. हृदेश पांडेय, एमओ सत्येन्द्र नाथ तिवारी और डीपीएम विजय सिंह भी उपस्थित थे।
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