जमशेदपुर : बागबेड़ा कालोनी जलापूर्ति योजना (Bagbera Waterplant) के तहत बागबेड़ा कालोनी के 300 घरों को कई महीने से पानी मुहैया नहीं हो पा रहा है। यहां पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की वजह से इन घरों में पानी पहुंचना मुश्किल है। मगर, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता (आदित्यपुर डिवीजन) इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। कार्यपालक अभियंता (आदित्यपुर डिवीजन) का कहना है कि बागबेड़ा कालोनी जलापूर्ति योजना को कार्यपालक अभियंता (जमशेदपुर डिवीजन) देखेंगे। जबकि, कार्यपालक अभियंता (जमशेदपुर डिवीजन) का कहना है कि इस मामले को पहले से आदित्यपुर डिवीजन ही देख रही है। इसलिए वही इसे देखेंगे। यही नहीं, मामला बागबेड़ा की दो पंचायतों के बीच भी है। बागबेड़ा कालोनी पंचायत और बागबेड़ा मध्य पंचायत के बीच भी इस बात का विवाद है। दोनों ही पंचायतें इस पर ध्यान नहीं दे रही हैं।
छह महीना पहले पार हो गई समय सीमा
बागबेड़ा कालोनी जलापूर्ति योजना में अभी गंदा पानी सप्लाई होता है। इस पानी को कहीं फिल्टर नहीं किया जाता। बागबेड़ा महानगर विकास समिति के अध्यक्ष सुबोझा झा ने इसके लिए आंदोलन किया तब जाकर सरकार ने बिष्टुपुर में फिल्टर प्लांट बनाने के लिए येाजना मंजूर की। इस फिल्टर प्लांट का काम पिछले साल से ही चल रहा है। काम बेहद सुस्त गति से हो रहा है। फिल्टर प्लांट के निर्माण पर एक करोड़ 88 लाख 69 हजार 710 रुपये खर्च किए जाएंगे। इस फिल्टर प्लांट का निर्माण पिछले साल 26 जुलाई को हो जाना चाहिए था। मगर, अब तक काम अधूरा पड़ा हुआ है। ठेकेदार का कहना है कि टुसू के चलते मजदूर नहीं मिल रहे हैं। जो मजदूर यहां काम कर रहे थे वह छुट्टी पर चले गए हैं। इस वजह से फिल्टर प्लांट का निर्माण ठप हो गया है। ठेकेदार का कहना है कि टुसू पर्व की छुट्टी से मजदूर लौटेंगे तो तेजी से काम होगा।
तारीख पर तारीख दे रहा ठेकेदार
बागबेड़ा कालोनी जलापूर्ति योजना में फिल्टर प्लांट बनाने को लेकर बागबेड़ा महानगर विकास समिति लगातार पेयजल एवं स्वच्छता विभाग पर दबाव बनाए हुए है। इसके लिए डीसी अनन्य मित्तल के यहां केस भी चल रहा है। डीसी के सामने ठेकेदार अब तक कई तारीख दे चुका है। इस फिल्टर प्लांट का निर्माण पिछले साल ही पूरा होने का वादा किया गया था। मगर 2025 आ गया अब तक फिल्टर प्लांट (Bagbera Waterplant) का काम पूरा नहीं हो पाया है।

