सिमडेगा (झारखंड) : सिमडेगा जिले के कोलेबिरा प्रखंड में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में गुरुवार सुबह बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सुबह करीब 6 बजे स्कूल की रसोई में खाना बनाते समय गैस सिलेंडर के रेगुलेटर से पाइप अचानक खुल गई, जिससे गैस का रिसाव शुरू हुआ और चंद पलों में ही आग लग गई।
रसोइया और दो छात्राएं आईं चपेट में
रसोई में मौजूद रसोइया किरण कुमारी ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान वह खुद झुलस गईं। वहीं, रसोइया को बचाने में जुटीं कक्षा 11वीं की दो छात्राएं ऐश्वर्या सिंह और आरती कुमारी भी आग की चपेट में आ गईं।
हिम्मत और सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
हालांकि छात्राओं ने हिम्मत नहीं हारी। दोनों ने रसोई में रखे गीले कंबल को गैस सिलेंडर पर डालकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया और आखिरकार उन्होंने सफलतापूर्वक आग बुझा दी। उनकी सूझबूझ और साहस से विद्यालय में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया।
अग्निशमन सिलेंडर नेका स्विच जाम
आग लगने के बाद मौके पर मौजूद स्टाफ ने अग्निशमन सिलेंडर का इस्तेमाल करने की कोशिश की, लेकिन सिलेंडर का स्विच जाम हो गया, जिससे समय पर उसका उपयोग नहीं हो सका। अगर अग्निशमन सिलेंडर सही ढंग से कार्य करता, तो आग पर और भी जल्दी नियंत्रण पाया जा सकता था।
तीनों का इलाज जारी
घटना की जानकारी मिलते ही विद्यालय की वार्डन पूनम साहू ने झुलसी हुई रसोइया किरण कुमारी और दोनों छात्राओं को तुरंत कोलेबिरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां तीनों का इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार तीनों की हालत स्थिर है, लेकिन रसोइया किरण कुमारी की हालत अन्य दोनों की तुलना में थोड़ी अधिक गंभीर बताई जा रही है।
सवालों के घेरे में विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने विद्यालय में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि अग्निशमन सिलेंडर के स्विच का जाम होना और गैस पाइप की नियमित जांच न किया जाना बड़ी लापरवाही को दर्शाता है। स्कूल प्रशासन को ऐसे मामलों में और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

