नई दिल्ली : व्हाट्सएप, जो हमेशा अपने यूज़र्स के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए नए फीचर्स पर काम करता रहता है, अब एक ऐसे प्राइवेसी फीचर पर काम कर रहा है जो आपकी व्यक्तिगत जानकारी और मीडिया को अधिक सुरक्षित बनाएगा। इस नए फीचर के तहत यूज़र्स को यह विकल्प मिलेगा कि वे अपनी भेजी गई फोटो, वीडियो या अन्य मीडिया फाइल्स को रिसीवर की गैलरी में ऑटोमेटिकली सेव होने से रोक सकें।
‘एडवांस चैट प्राइवेसी’ फीचर
व्हाट्सएप का यह नया ‘एडवांस चैट प्राइवेसी’ फीचर यूज़र्स की प्राइवेसी को एक और स्तर तक बढ़ाएगा। इस फीचर के जरिए, जब भी आप किसी अन्य यूज़र को फोटो या वीडियो भेजेंगे, तो आप तय कर सकते हैं कि वो मीडिया फाइल्स रिसीपियंट की गैलरी में अपने आप सेव न हो। अगर रिसीपियंट इसे सेव करने की कोशिश करता है, तो उसे एक पॉप-अप संदेश मिलेगा, जिसमें लिखा होगा “Can’t auto-save media” यानी कि वह फाइल अपने आप नहीं सेव हो पाएगी।
बीटा वर्ज़न में उपलब्ध
व्हाट्सएप के इस एडवांस चैट प्राइवेसी फीचर को ट्रैक करने वाली साइट WABetaInfo के अनुसार, यह फीचर व्हाट्सएप के बीटा वर्ज़न 2.25.10.4 में देखा गया है। आने वाले अपडेट्स के साथ यह फीचर सभी यूज़र्स के लिए उपलब्ध हो सकता है। यह एक ऑप्शनल फीचर होगा, यानी यूज़र इसे अपनी प्राइवेसी सेटिंग्स में जाकर एक्टिवेट या डिसेबल कर सकते हैं।
अन्य प्राइवेसी फीचर्स
व्हाट्सएप इस फीचर के अलावा कुछ और सुरक्षा फीचर्स भी पेश करने की योजना बना रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, चैट हिस्ट्री को एक्सपोर्ट करने पर रोक जैसी नई प्राइवेसी सेटिंग्स भी लाई जा सकती हैं, जिससे यूज़र्स की चैट्स को आसानी से कहीं और ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य व्हाट्सएप यूज़र्स की चैट्स और मीडिया को अधिक सुरक्षित और प्राइवेसी-फ्रेंडली बनाना है।
क्या यह फीचर उपयोगकर्ताओं के लिए फायदेमंद होगा?
इस नई प्राइवेसी सेटिंग से यूज़र्स को अपने भेजे गए मीडिया पर ज्यादा कंट्रोल मिलेगा, और यह उन्हें यह सुनिश्चित करने का मौका देगा कि उनकी भेजी गई फाइल्स को बिना उनकी अनुमति के रिसीविंग डिवाइस में सेव न किया जाए। यह फीचर उन यूज़र्स के लिए खासतौर पर उपयोगी होगा, जो अपनी व्यक्तिगत जानकारी और मीडिया को अधिक सुरक्षित रखना चाहते हैं।
इस फीचर का लाभ उन लोगों को भी मिलेगा जो अपनी मीडिया फाइल्स को एक सीमित संख्या में ही शेयर करना चाहते हैं, ताकि उनकी फोटो और वीडियो को बिना उनकी अनुमति के किसी अन्य डिवाइस में सेव न किया जा सके।

