पूर्णिया: कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने इस बिल के पेश होने को मुसलमानों के साथ धोखा करार देते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीयत ठीक नहीं है और यह समाज में विभाजन फैलाने की साजिश है। कन्हैया कुमार पूर्णिया में ‘पलायन रोको नौकरी दो यात्रा’ के तहत पहुंचे थे, जहां उन्होंने इस बिल और सरकार की नीतियों पर अपनी चिंता व्यक्त की।
कन्हैया कुमार का आरोप: ‘सरकार समाज को बांटने की साजिश कर रही है’
पत्रकारों से बातचीत के दौरान कन्हैया कुमार ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक का लोकसभा में पेश होना, सरकार की नीति नहीं बल्कि उनकी नीयत की खराबी को दर्शाता है। सरकार जान बूझकर गली-मोहल्लों में लड़ाई लगाना चाहती है। यूपी में मुसलमानों को अपने घर के छत पर नमाज पढ़ने से भी रोका जाता है, ये उनकी नीयत का हिस्सा है।”
कन्हैया कुमार ने यह भी कहा कि वक्फ की जमीनों को बांटने की साजिश चल रही है, जो कभी सफल नहीं होगी। उन्होंने दावा किया, “इसके खिलाफ हम पुरजोर आंदोलन करेंगे। सरकार की नीयत समाज में नफरत फैलाना और लोगों को आपस में लड़वाना है। यह वही चाल है जो अंग्रेजों ने अपनाई थी – ‘फूट डालो, राज करो’। अंग्रेजों ने भारतीयों को आपस में लड़वाया और अपनी संपत्ति को लूटा।”
कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा
कन्हैया कुमार ने यह स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी इस तरह की नीतियों के खिलाफ हमेशा विरोध करती रहेगी। उन्होंने कहा, “अगर बीजेपी के नेता मुसलमानों की जमीनों को अपने दोस्तों के हवाले करना चाहते हैं, तो कांग्रेस इसे कभी भी मंजूरी नहीं देगी। कांग्रेस पार्टी अगर सरकार प्रगतिशील कदम उठाती है तो उसका साथ देगी, लेकिन अगर सरकार समाज को बांटने, नफरत फैलाने और संविधान पर हमला करने की कोशिश करती है तो कांग्रेस इसका हमेशा विरोध करेगी।”
‘पलायन रोको नौकरी दो यात्रा’
कन्हैया कुमार की यह यात्रा कांग्रेस के अभियान ‘पलायन रोको नौकरी दो’ का हिस्सा है, जो बिहार के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर मुहैया कराने का उद्देश्य रखता है। बिहार से हर साल लाखों लोग दूसरे राज्यों में नौकरी के लिए पलायन करते हैं, और इस पलायन को रोकने के लिए कांग्रेस ने यह अभियान शुरू किया है। कन्हैया कुमार ने इस मौके पर कहा, “अगर 2025 में महागठबंधन की सरकार बनती है तो हम बिहार के युवाओं को रोजगार देकर पलायन की समस्या को खत्म करेंगे।”
कन्हैया कुमार का राजनीतिक सफर
कन्हैया कुमार बिहार के बेगूसराय जिले के रहने वाले हैं और उनका राजनीतिक सफर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से शुरू हुआ था, जहां वह जेएनयूएसयू (जेएनयू छात्र संघ) के अध्यक्ष रहे। इसके अलावा, वह अखिल भारतीय छात्र परिषद (एबीवीपी) के भी सदस्य रहे हैं। 2019 में कन्हैया कुमार ने बेगूसराय से लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। कन्हैया कुमार 2021 में कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए और अब कांग्रेस के एक प्रमुख नेता के रूप में काम कर रहे हैं।

