नई दिल्ली: इस साल होने वाली अमरनाथ यात्रा 2025 को लेकर एक बड़ा फैसला लिया गया है। 1 जुलाई से 10 अगस्त 2025 तक चलने वाली यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर सेवाओं पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। यह निर्णय गृह मंत्रालय के निर्देश पर लिया गया है, जिसमें सुरक्षा कारणों को सर्वोपरि माना गया है।
हेलीकॉप्टर सेवाओं पर क्यों लगी रोक?
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। खुफिया एजेंसियों द्वारा संभावित आतंकी हमले की आशंका जताने के बाद सरकार ने अमरनाथ गुफा मंदिर तक के सभी मार्गों को नो-फ्लाइंग जोन घोषित कर दिया है। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक अमरनाथ यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टर सेवा पर प्रतिबंध एहतियाती कदम है, जिससे तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
एकीकृत सुरक्षा डेस्क करेगी निगरानी
गृह मंत्रालय ने एकीकृत सुरक्षा डेस्क (Integrated Security Desk) की स्थापना की है, जो यात्रा के दौरान 24×7 निगरानी रखेगी। इसमें आईबी, सेना, सीआरपीएफ, बीएसएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस, और अन्य एजेंसियां आपसी समन्वय से कार्य करेंगी।
580 से अधिक सुरक्षाबलों की तैनाती
इस बार 38 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा के दौरान 580 से अधिक केंद्रीय सशस्त्र अर्धसैनिक बलों की कंपनियां यात्रा मार्गों पर तैनात की जाएंगी। इसके साथ ही जैमर भी लगाए जाएंगे ताकि काफिलों की सुरक्षा को पुख्ता किया जा सके।
तीर्थयात्रा 3 जुलाई से होगी शुरू, 8 अगस्त को होगी समाप्त
अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2025 से शुरू होगी और 8 अगस्त 2025 को समाप्त होगी। यह यात्रा पिछले वर्ष की 52-दिवसीय यात्रा की तुलना में 14 दिन कम है। पहला जत्था 2 जुलाई को जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से रवाना होगा।
दो प्रमुख रूटों से होगी यात्रा
यात्रा के लिए दो पारंपरिक मार्गों को तैयार किया गया है:
पहलगाम मार्ग (अनंतनाग जिला): कुल दूरी 48 किमी
बालटाल मार्ग (गंदेरबल जिला): कुल दूरी 14 किमी
यात्रियों को नुवान (पहलगाम) और बालटाल (सोनमर्ग) में बनाए गए आधार शिविरों तक पहुंचाया जाएगा।
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