Ranchi/Delhi : झारखंड के हजारीबाग में वन भूमि घोटाला मामले में मुख्य आरोपी व नेक्सजेन के मालिक विनय सिंह को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है। शनिवार को विनय सिंह की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायाधीश जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने याचिका पर सुनवाई करते हुए विनय सिंह को फिलहाल अंतरिम जमानत दी है। बता दें कि वर्तमान में निलंबित आईएएस विनय चौबे के हजारीबाग के उपायुक्त थे, उस दौरान वन भूमि की अवैध तरीके से खरीद-बिक्री और नियमों की अनदेखी कर म्यूटेशन का मामला प्रकाश में आया है।
एसीबी को विनय सिंह की पत्नी स्निग्धा सिंह की तलाश
इस मामले में विनय सिंह के अलावा उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह भी आरोपी हैं। अपराध नियंत्रण ब्यूरो (ACB) ने स्निग्धा सिंह के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। फिलहाल वे ACB की पहुंच से दूर हैं। पूछताछ के लिए एसीबी उनकी तलाश में जुटी है। जानकारी के अनुसार जिस भूमि को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई है, वह विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह के नाम पर है।
भूमि का विवरण
विनय सिंह ऑटोमोबाइल कारोबारी हैं और उक्त भूमि पर वर्तमान में नेक्सजेन का शोरूम है। यह भूमि हजारीबाग के सदर अंचल के थाना संख्या 252 में है। इसका खाता संख्या 95 और प्लॉट संख्या 1055, 1060 व 848 है। भूमिका का कुल रकबा 28 डिसमिल है। इसके अलावा खाता संख्या 73 व प्लॉट संख्या 812 का कुल रकबा 72 डिसमिल है। यह भूमि सदर अंचल के बभनवे मौजा के हल्का 11 में है। इस खाता प्लॉट की भूमि पर विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह का दखल कब्जा है।

